Patna: बिहार पुलिस में कांस्टेबल के 4210 पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा इस बार अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में करीब 16 लाख उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं, जिससे यह राज्य की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक बन गई है। परीक्षा 14 जून से शुरू होकर 17 जून तक अलग-अलग चरणों में आयोजित की जा रही है। पूरे राज्य में परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की नकल या पेपर लीक की संभावना को समाप्त करना है। इसी क्रम में परीक्षा व्यवस्था में कई सख्त नियम लागू किए गए हैं, जो पहले की परीक्षाओं की तुलना में काफी अलग हैं।
Read more: 11 जून को गोलमुरी में लगेगा रोजगार कैंप, 500 पदों पर होगी भर्ती
सेंटर पर ही मिलेगा पेन, मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध
इस बार अभ्यर्थियों को अपना पेन परीक्षा केंद्र में लाने की अनुमति नहीं दी गई है। सभी उम्मीदवारों को पेन परीक्षा केंद्र पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा समाप्त होने से पहले परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे प्रश्नपत्र से जुड़ी किसी भी तरह की सूचना के लीक होने की संभावना को रोका जा सकेगा।
Read more: RIMS भर्ती घोटाले का आरोप, नौकरी के नाम पर लाखों की वसूली!
मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही जिला प्रशासन और परीक्षा से जुड़े अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा अवधि के दौरान वे अपने मोबाइल फोन का उपयोग न करें, ताकि निगरानी व्यवस्था पूरी तरह मजबूत बनी रहे।
दो पालियों में परीक्षा, नेगेटिव मार्किंग नहीं
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक हो रही है। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले रिपोर्ट करना अनिवार्य किया गया है। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में ओएमआर शीट पर ली जा रही है, जिसमें कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नपत्र में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स जैसे विषय शामिल हैं। इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई है, जिससे गलत उत्तर देने पर अंक नहीं काटे जाएंगे।
Read more: सी-डैक में 951 पदों पर भर्ती, 20 जून तक करें आवेदन
लिखित परीक्षा के बाद केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी, जिस पर उम्मीदवार आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। अंतिम चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी—लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) और शारीरिक मानक परीक्षण (पीएसटी), जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा। मुजफ्फरपुर जिले में इस परीक्षा के लिए 22 केंद्र बनाए गए हैं। जिला प्रशासन ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया है।




