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‘सम्राट भैया ने सिर पर छत दी’, पक्के मकान की चाबी मिलते ही भावुक हुईं महिलाएं

पटना के बापू सभागार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए पक्के मकानों की चाबी और स्वीकृति पत्र पाकर महिला लाभार्थी भावुक हो उठीं और सरकार का आभार जताया।

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Patna: राजधानी पटना के ऐतिहासिक बापू सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के राज्यस्तरीय समारोह में उस वक्त बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर गरीब परिवारों के हाथों में उनके नए पक्के घर की चाबियां सौंपी गईं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत पूर्ण हुए 2 लाख 35 हजार आवासों के गृह प्रवेश और नए स्वीकृत पत्रों के वितरण कार्यक्रम के दौरान लाभुक महिलाएं अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

‘सम्राट भैया ने दिया पक्के घर का आशीर्वाद’

दानापुर की रहने वाली लाभार्थी सुषमा देवी ने नए घर की चाबी प्राप्त करने के बाद कहा, “आज हमारे परिवार का वर्षों पुराना सपना साकार हो गया है। सम्राट भैया के नेतृत्व में हमारे जैसे लाखों बेघर और गरीब परिवारों को पक्की छत का सहारा मिला है। अब अभाव के कारण किसी को कच्चे घर की मजबूरी में नहीं जीना पड़ेगा।”

वहीं, एक अन्य लाभार्थी शोभा देवी ने कहा कि सरकार की ओर से मिला यह पक्का मकान केवल एक इमारत नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए एक नया जीवन और सबसे बड़ा उपहार है।

‘बारिश में टपकती थी छत, अब सोएंगे सुकून की नींद’

माधवपुर की निवासी शोभा शर्मा ने अपने पुराने दिनों के संघर्ष को साझा करते हुए बताया कि कच्चे मकान होने के कारण हर बरसात में छत से पानी टपकता था और पूरा परिवार रतजगा करने को विवश रहता था। पक्के मकान की चाबी मिलने से अब उस बड़ी परेशानी का स्थायी समाधान हो गया है।

इसी इलाके की माया देवी ने खुशी जताते हुए कहा कि पक्के मकान की स्वीकृति मिलने के बाद अब उनका परिवार चैन और सुकून की नींद सो सकेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने का सरकार का संकल्प अब जमीन पर उतर रहा है।

2014 से 2026 तक 50 लाख पक्के मकानों का आवंटन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक जीवन देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • ऐतिहासिक तुलना: वर्ष 1986 से 2014 के बीच इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत बिहार में मात्र 30 लाख पक्के मकान बने थे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से 2026 तक बिहार के लिए 50 लाख पक्के मकानों का आवंटन किया जा चुका है।

  • लागत में हिस्सेदारी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत निर्मित होने वाले प्रत्येक आवास में 40 प्रतिशत की आर्थिक हिस्सेदारी बिहार सरकार द्वारा वहन की जाती है।

  • छूटे परिवारों को लाभ: वर्ष 2018 के सर्वे में छूटे 19 लाख परिवारों को भी चिन्हित कर योजना का सीधा लाभ पहुंचाया गया है।

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