Patna/Purnia: कभी बिजली के भारी-भरकम बिल देखकर माथा पीटने वाले लोग अब अपनी छतों पर सूरज की रोशनी से अपनी जेबें बचा रहे हैं। समस्तीपुर से लेकर पूर्णिया तक, उमा और रीना जैसी गृहणियों की मुस्कान यह चीख-चीखकर कह रही है कि बिहार के गांवों और शहरों में ‘हर घर सोलर, हर घर बचत’ का नारा अब हकीकत बन चुका है।
आइए जानते हैं समस्तीपुर और पूर्णिया की दो महिलाओं- उमा कुमारी और रीना कुमारी की जुबानी कि कैसे सोलर पैनल लगवाने के बाद उनके घरों से बिजली बिल की चिंता हमेशा के लिए गायब हो गई है।
समस्तीपुर की उमा कुमारी: 3 किलोवाट का प्लांट और झटपट मिली सब्सिडी

समस्तीपुर जिले के आजाद नगर (मोहनपुर रोड) की रहने वाली उमा कुमारी ने समझदारी दिखाते हुए अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट इंस्टॉल कराया है। उनके अनुभव बेहद शानदार रहे हैं:
विभाग का सहयोग: उमा बताती हैं कि बिजली विभाग की कार्यशैली इतनी तेज थी कि सोलर प्लांट बहुत कम समय में आसानी से लग गया।
फटाफट सब्सिडी: प्लांट लगने के सिर्फ 15 दिन के भीतर ही उनके खाते में सब्सिडी की रकम पहुंच गई, जिसे देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई।
जीरो हुआ बिल: पहले उन्हें 240 रुपये फिक्स चार्ज के रूप में देने पड़ते थे, लेकिन सरकार की 125 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा के बाद उनका बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य (Zero) हो गया है। इसके अलावा उन्हें मुख्यमंत्री बिजली योजना के तहत 20,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी मिल चुकी है।
पूर्णिया की रीना कुमारी: 1,500-2,000 रुपये का बिल हुआ ‘शून्य’, मिली 98,000 की भारी-भरकम सब्सिडी

पूर्णिया से ताल्लुक रखने वाली रीना कुमारी की कहानी भी कम प्रेरणादायक नहीं है। उनके घर में जब से सोलर पैनल लगे हैं, तब से राहत की बयार बह रही है:
भारी बचत: रीना बताती हैं कि पहले उनके घर का हर महीने का बिजली बिल 1,500 से 2,000 रुपये तक आता था। लेकिन अब सोलर की ताकत से घर के सारे बिजली उपकरण चलने के बावजूद उनका बिल जीरो आ रहा है।
बंपर सब्सिडी: उन्हें सोलर प्लांट लगवाने पर कुल 98,000 रुपये की सब्सिडी मिली है।
सरकार का आभार: रीना दिल से राज्य और केंद्र सरकार को धन्यवाद देती हैं। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं के हित में इतना बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाकर सरकार ने घर-घर को रोशन कर दिया है।
क्या है योजना और कितनी मिलती है सब्सिडी?
‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत परिवारों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
फ्री बिजली: इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकता है।
केंद्रीय सब्सिडी का ढांचा:
1 किलोवाट प्लांट पर: 30,000 रुपये की सब्सिडी
2 किलोवाट प्लांट पर: 60,000 रुपये की सब्सिडी
3 किलोवाट या उससे अधिक पर: अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी
नेट मीटरिंग का फायदा: इसके जरिए अतिरिक्त बनने वाली बिजली को वापस ग्रिड में भेजने का विकल्प भी मिलता है, जिससे उपभोक्ताओं को और लाभ होता है।
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