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बिहार में बिजली से ग्रीन हाइड्रोजन तक बड़ा प्लान, ₹1.88 लाख करोड़ निवेश

बिहार में ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार: ₹1.88 लाख करोड़ के निवेश का मेगा प्लान, ग्रीन हाइड्रोजन और स्मार्ट तकनीक पर जोर

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Patna: बढ़ती बिजली मांग और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बिहार सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश की तैयारी कर ली है। राज्य में बिजली उत्पादन, ऊर्जा भंडारण (Energy Storage), ट्रांसमिशन, वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) परियोजनाओं के लिए कुल ₹1,88,383 करोड़ के भारी-भरकम निवेश की रूपरेखा तैयार की गई है।

आगामी 2030 तक राज्य की पीक बिजली डिमांड बढ़कर 11,747 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के ऊर्जा सचिव सह अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने आईआईटी पटना में आयोजित ‘इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2027’ के जागरूकता कार्यक्रम के दौरान राज्य की भावी ऊर्जा योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया।

बिजली की मांग में भारी उछाल और उपभोक्ताओं का आंकड़ा

राज्य में पिछले कुछ वर्षों में बिजली की खपत और उपभोक्ताओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

– वर्ष 2014 में जहां राज्य में बिजली की अधिकतम मांग मात्र 2,831 मेगावाट थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 9,475 मेगावाट तक पहुंच चुकी है।

– इसके साथ ही राज्य में कुल बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर अब लगभग 2.32 करोड़ हो गई है।

लगातार बढ़ती इस मांग को निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए सरकार उत्पादन से लेकर ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क के पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटी है। बिहार ने 2029-30 तक 24 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और 6.1 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने का महात्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। नई ‘रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी-2025’ के तहत इन तमाम स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।

ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर विशेष फोकस

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य कैबिनेट पहले ही ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी को मंजूरी दे चुकी है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए:

– ₹1,040 करोड़ के प्रावधान से राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।

– पायलट प्रोजेक्ट के तहत राज्य में पांच ग्रीन हाइड्रोजन विलेज विकसित किए जाएंगे, जहां क्लीन कुकिंग (स्वच्छ चूल्हा/ईंधन) और बिजली उत्पादन में ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए प्रत्येक चयनित गांव को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

– इसके अलावा, ‘पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) पॉलिसी-2025’ के जरिए ऊर्जा भंडारण को बढ़ावा दिया जा रहा है। कुल ₹1,32,521 करोड़ के उत्पादन एवं भंडारण प्रावधान में नवादा, जमुई, बांका और मुंगेर में करीब 8,400 मेगावाट पंप्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने की योजना है।

अन्य प्रमुख ऊर्जा परियोजनाएं और निवेश का ब्योरा

– सौर ऊर्जा (Solar Energy): पीएम सूर्य घर योजना के तहत लगभग 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए 1,100 मेगावाट रूफटॉप सोलर योजना, सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर, औरंगाबाद में बैटरी स्टोरेज के साथ 150 मेगावाट सोलर पार्क, तथा बांका में प्रस्तावित 4×700 मेगावाट परमाणु बिजली परियोजना इस मेगा प्लान का अहम हिस्सा हैं।

– ट्रांसमिशन नेटवर्क: ₹24,683 करोड़ के निवेश से राज्य में 56 नए सबस्टेशन और करीब 7,400 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई जाएंगी।

– वितरण एवं डिजिटलीकरण: वितरण नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण पर करीब ₹28,809 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जबकि मेंटेनेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग ₹2,370 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

स्मार्ट मीटरिंग, ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ऊर्जा के इस व्यापक तालमेल के साथ बिहार खुद को एक सुरक्षित, स्मार्ट और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर कर रहा है।

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