फॉण्ट कनवर्टर NEW

बिहार में दुर्गा पूजा पंडालों की बदली तस्वीर, सफाई देख लोग हुए खुश

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत 'स्वच्छ एवं हरित त्योहार' मुहिम से राज्य के दुर्गा पूजा पंडालों में सघन सफाई की जा रही है, जिसकी आम श्रद्धालु खुलकर सराहना कर रहे हैं।

अपनी भाषा में पढ़ें

Patna: त्योहारों के दिनों में आमतौर पर गंदगी के ढेर और जूठे दोनों की तस्वीरें आम हुआ करती थीं, लेकिन बिहार के गांवों में इस बार बदली हुई तस्वीर यह चीख-चीखकर कह रही है कि जब प्रशासन मुस्तैद हो और जनता का साथ मिल जाए, तो आस्था के इन मेलों को भी पूरी तरह ‘ग्रीन और क्लीन’ बनाया जा सकता है।

जमीनी हकीकत: नालंदा से लेकर किशनगंज तक चमक रहे पंडाल

– नालंदा में सफाई के मुरीद हुए लोग: नालंदा जिले के कतरीसराय प्रखंड अंतर्गत दरवेशपुरा पंचायत के वार्ड नंबर 02 के निवासी लक्ष्य कुमार पंडालों की व्यवस्था देखकर गदगद हैं। वे बताते हैं, “इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद यहां की सफाई व्यवस्था गजब की है। स्वच्छता कर्मी लगातार मुस्तैदी से साफ-सफाई में जुटे हैं। इस पहल से पूजा पंडाल और आसपास का पूरा इलाका श्रद्धालुओं के अनुकूल और बेहद सुंदर नजर आ रहा है।”

– बख्तियारपुर में चला सघन स्वच्छता अभियान: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बख्तियारपुर प्रखंड के सालिमपुर (डोमा) दुर्गा स्थान स्थित पूजा पंडाल और उसके आसपास के परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। यहां संक्रमण से बचाव और साफ-सुथरा माहौल बनाए रखने के लिए विशेष तौर पर ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव किया गया। स्थानीय निवासी राहुल कुमार का कहना है कि इस तरह की पहल से त्योहार के दौरान गंदगी फैलने की गुंजाइश ही नहीं बचती और स्वच्छता का संदेश दूर-दूर तक जाता है।

– किशनगंज के महीनगांव में दिख रहा असर: किशनगंज के महीनगांव में भी दुर्गा पूजा पंडालों और मेलों के स्थलों पर सफाई कर्मियों की टीम लगातार सक्रिय है। स्थानीय निवासी हरिलाल सरकार की इस मुहिम की तारीफ करते हुए कहते हैं, “सरकार की यह पहल बेहद शानदार है। इससे न सिर्फ पंडाल साफ-सुथरे दिख रहे हैं, बल्कि आम लोगों के मन में भी स्वच्छता के प्रति एक गंभीर जागरूकता बढ़ रही है।”

स्वच्छ एवं हरित त्योहार अभियान का मुख्य उद्देश्य

सरकार और प्रशासन का यह विशेष अभियान इस बात पर जोर देता है कि पर्व-त्योहार सिर्फ उल्लास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी बेहतरीन वक्त हैं। इसके मुख्य बिंदुओं में शामिल हैं:

– स्वच्छ वातावरण: पूजा पंडालों और आसपास के क्षेत्रों को पूरी तरह स्वच्छ, सुंदर और पॉलिथीन-मुक्त रखना।

– श्रद्धालुओं की सहूलियत: माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंदगी और कीचड़ से मुक्त साफ-सुथरा परिसर देना।

– जन-सहयोग की अपील: सरकार लगातार अपील कर रही है कि लोग कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय तय कचरा पात्र (Dustbin) में ही डालें और स्वच्छता के संकल्प को मजबूत करें।

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (LSBA) की बड़ी भूमिका

ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख योजना लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (LSBA) और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ODF) बनाने के साथ-साथ अब घर-घर कचरा प्रबंधन और ठोस-तरल कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

दुर्गा पूजा, दीपावली और आने वाले छठ महापर्व जैसे बड़े त्योहारों के दौरान ग्रामीण विकास विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहते हैं। शहरी इलाकों से लेकर दूर-दराज के गांवों तक सफाई कर्मियों की विशेष तैनाती यह सुनिश्चित करती है कि उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच भी सार्वजनिक स्थल गंदे न हों।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram