Hyderabad: बिहार में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नए नवाचारों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेलंगाना के हैदराबाद (पटनचेरु) स्थित ‘अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान’ (ICRISAT) का विस्तृत दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ बिहार में कृषि विकास की नई संभावनाओं पर चर्चा की और ‘बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मिलेट्स वैल्यू चेन’ (BCoEMVC) परियोजना की प्रगति की गहन समीक्षा की।
अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को खेतों तक पहुंचाना प्राथमिकता
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ICRISAT के वैज्ञानिकों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता वैज्ञानिक शोध, उन्नत तकनीक और आधुनिक अनुसंधानों का सीधा लाभ आम किसानों के खेतों तक पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल फसल उत्पादन बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि किसानों की आय और आजीविका को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का तकनीकी सहयोग बेहद जरूरी है। ICRISAT जैसे वैश्विक संस्थानों के साथ साझेदारी से बिहार के कृषि क्षेत्र में रोजगार और समृद्धि के नए अवसर पैदा होंगे।
शोध के साथ बेहतर बाजार व्यवस्था और मूल्य संवर्धन जरूरी
मंत्री ने विशेष रूप से श्री अन्न (मिलेट्स) के उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में मिलेट्स की खेती हो रही है, लेकिन किसानों को उनका वास्तविक हक और उचित मूल्य तभी मिलेगा जब इसके प्रसंस्करण (Processing), मूल्य संवर्धन (Value Addition) और प्रभावी विपणन (Marketing) की पुख्ता व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में पूरे पूर्वी भारत और देश के लिए एक रोल मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बिहार के किसानों से किया संवाद
दौरे के क्रम में कृषि मंत्री ने ICRISAT के क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत वहां प्रशिक्षण ले रहे बिहार के प्रशिक्षु किसानों से सीधे बातचीत की। उन्होंने किसानों से उनके सीखने के अनुभवों की जानकारी ली और कहा कि यहां से प्राप्त आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक ज्ञान को राज्य के अन्य किसानों तक हस्तांतरित किया जाना चाहिए।
आधुनिक लैब और अनुसंधान केंद्रों का किया निरीक्षण
बिहार के प्रतिनिधिमंडल में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल और उद्यान निदेशक सह प्रबंध निदेशक अभिषेक कुमार शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने ICRISAT की ‘रीजनरेटिव एग्रीकल्चर लिविंग लैबोरेटरी’, ‘स्पीड ब्रीडिंग फैसिलिटी’, ‘जीनबैंक’ और ‘एग्रीबिजनेस इनोवेशन प्लेटफॉर्म’ जैसी उन्नत प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया। इस दौरान ICRISAT के उप महानिदेशक (अनुसंधान एवं नवाचार) डॉ. स्टैनफोर्ड ब्लेड और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संस्थान की वैश्विक गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण दिया।




