रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
छात्रों के लगातार विरोध और सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा की नियमित और बैकलॉग परीक्षा को रद्द करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा ACF परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है।
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदन को चलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन विपक्ष के रवैये के कारण कार्यवाही समय से पहले स्थगित करनी पड़ी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल की परीक्षाओं में 75 से 100 प्रतिशत तक स्थानीय और मूलवासी अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।
हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार के अवसरों को लेकर युवाओं के सामने चुनौतियां हैं। वहीं, पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान दूसरे राज्यों के लोगों को बड़े पैमाने पर नौकरियां दी गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सच्चाई का सामना करने से बच रहा है।




