पेरिस/कराची: फ्रांस सरकार ने पाकिस्तान के आर्थिक केंद्र कराची में स्थित अपने वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) को स्थायी रूप से बंद करने का एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। फ्रांस ने यह कदम अपने देश के बजट में भारी कटौती करने और दुनिया भर में फैले अपने राजनयिक नेटवर्क को छोटा (पुनर्गठित) करने की अपनी नई वैश्विक नीति के तहत उठाया है।
कराची में तैनात फ्रांस के महावाणिज्यदूत एलेक्सिस शहताहतिंस्की ने इस खबर की आधिकारिक पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस दूतावास के बंद होने के बाद भी पाकिस्तान के साथ फ्रांस के द्विपक्षीय और राजनयिक संबंधों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। भविष्य में कराची क्षेत्र से जुड़ी सभी राजनयिक, वीज़ा और कांसुलर सेवाओं का संचालन पूरी तरह से इस्लामाबाद स्थित फ्रांसीसी दूतावास के जरिए ही किया जाएगा।
महावाणिज्यदूत ने आगे स्पष्ट किया कि भले ही वाणिज्य दूतावास बंद हो रहा है, लेकिन कराची में स्थित फ्रांसीसी सांस्कृतिक केंद्र यानी ‘अलायंस फ्रांसेज़’ और ‘पाकिस्तान-फ्रांस बिजनेस अलायंस’ पहले की तरह ही सक्रिय रहेंगे। इससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शैक्षणिक सहयोग और व्यापारिक गतिविधियों की निरंतरता बनी रहेगी। गौरतलब है कि फ्रांस पिछले कुछ समय से आर्थिक मोर्चे पर खर्चों में कमी लाने के लिए अपने वैश्विक राजनयिक ढांचे की समीक्षा कर रहा है, और कराची का यह निर्णय इसी व्यापक कटौती रणनीति का हिस्सा है।




