World News: पड़ोसी देश बांग्लादेश से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने पूरी दुनिया के मानवाधिकार संगठनों को सकते में डाल दिया है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अब शेख हसीना की पार्टी ‘आवामी लीग’ के खिलाफ सबसे बड़ा और विवादित कदम उठाया है। गृह मामलों के सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने पुलिस को दो टूक लहजे में ‘तुगलकी’ निर्देश दिया है कि आवामी लीग के सदस्यों को देखते ही सलाखों के पीछे डाल दिया जाए।
केस हो या न हो, गिरफ्तारी है तय: गृह सलाहकार का सख्त रुख
नारायणगंज जिले में प्रदर्शनकारियों के बीच घिरे जहांगीर आलम चौधरी ने कानून की सारी मर्यादाएं ताक पर रखते हुए कहा कि अब पुलिस को यह देखने की जरूरत नहीं है कि किसी आवामी लीग के सदस्य के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा, “उन्हें देखते ही कानून के दायरे में लाया जाए, वरना कोताही बरतने वाली पुलिस पर गाज गिरेगी।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सड़कों पर हिंसा का नंगा नाच हो रहा है।
लाशों का ‘डंपिंग ग्राउंड’ बना बांग्लादेश? आवामी लीग का पलटवार
दूसरी ओर, आवामी लीग ने अंतरिम सरकार पर देश को “लाशों का ढेर” बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि उनके कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर मारा जा रहा है और उनके घरों में घुसकर अमानवीय यातनाएं दी जा रही हैं। इसी बीच, ढाका के शाहबाग में गृह सलाहकार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी जबरदस्त प्रदर्शन हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही है, जिसका ताजा उदाहरण निर्दलीय उम्मीदवार शरीफ उस्मान हादी पर हुआ जानलेवा हमला है। बांग्लादेश में जारी इस ‘पॉलिटिकल हंटिंग’ ने वहां के भविष्य पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।



