रांची: रसोई गैस (LPG) की किल्लत और वितरण में होने वाली धांधली को लेकर जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। शनिवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने गैस तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की, जिसमें स्पष्ट कर दिया गया कि अब गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घर-घर डिलीवरी अनिवार्य, गोदामों पर पहरा

उपायुक्त ने आदेश दिया है कि उपभोक्ताओं को अब गैस गोदामों या डिपो के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। सभी गैस एजेंसियों को हर हाल में होम डिलीवरी सुनिश्चित करनी होगी। गोदामों पर लगने वाली अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए प्रशासन ने कुछ चिह्नित स्थानों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात करने का फैसला किया है। यदि कोई एजेंसी संचालक गोदाम से सीधे गैस वितरण करता पाया गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

इमरजेंसी के लिए 5 किलो का विकल्प

बैठक में उपभोक्ताओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया। डीसी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ग्राहक को बहुत ही ज्यादा आपातकालीन स्थिति में गैस की जरूरत है, तो वह सीधे एजेंसी जाकर 5 किलोग्राम वाला छोटा सिलेंडर ले सकता है। हालांकि, सामान्य 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की सप्लाई केवल घर पर ही की जाएगी।

कालाबाजारी पर सीधी जेल

शहर में गैस की ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने चेतावनी दी है कि अनुचित मूल्य वसूलने या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले संचालकों और कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को इसकी निरंतर मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है।

‘पैनिक बुकिंग’ से बचें नागरिक

आने वाले दिनों में आपूर्ति प्रभावित होने की संभावनाओं को देखते हुए उपायुक्त ने रांची वासियों से अपील की है कि वे घबराकर ‘पैनिक बुकिंग’ न करें। अपनी जरूरत और तय सीमा के अनुसार ही बुकिंग कराएं ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर घर तक समय पर गैस पहुंचे।

बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत और जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय सहित विभिन्न गैस कंपनियों के अधिकारी मौजूद थे।

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