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रांची: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक ‘बाहा पर्व’ इस बार गिरिडीह के मरांग बुरू (पारसनाथ) में बेहद खास होने जा रहा है। इस भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मरांग बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाकात की। समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बताया कि आगामी 18 से 21 फरवरी 2026 तक मरांग बुरू की तलहटी में बाहा पर्व का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने का आग्रह किया।
बाहा पर्व आदिवासियों का वह पवित्र त्यौहार है जो प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने और नए फूलों के आगमन का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दर्जा प्राप्त मंत्री फागू बेसरा और समिति के मुख्य संरक्षक विष्णु किस्कू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
समिति के संरक्षक महावीर मुर्मू और नाइके बाबा चंदूलाल टुडू ने मुख्यमंत्री को इस पर्व के धार्मिक महत्व और पारसनाथ क्षेत्र की पवित्रता के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने के उनके प्रयासों की सराहना की।

