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10वीं पास छात्र नीट परीक्षा देकर बन सकते हैं आयुर्वेदिक डॉक्टर, जानें नियम

Career Adda: भारतीय शिक्षा व्यवस्था और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत एक क्रांतिकारी बदलाव किया गया है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (CSU), नई दिल्ली ने ‘आयुर्वेद गुरुकुलम कार्यक्रम’ की आधिकारिक घोषणा की है। इस नए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत अब

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Career Adda: भारतीय शिक्षा व्यवस्था और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत एक क्रांतिकारी बदलाव किया गया है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (CSU), नई दिल्ली ने ‘आयुर्वेद गुरुकुलम कार्यक्रम’ की आधिकारिक घोषणा की है। इस नए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत अब कक्षा 10वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्र भी प्री-आयुर्वेद नीट (NEP-PA) जैसी विशेष प्रवेश परीक्षा देकर सीधे साढ़े सात साल के एकीकृत (Integrated) बीएएमएस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे। इस दूरदर्शी पहल का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देना और पारंपरिक संस्कृत शिक्षा को आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों से जोड़ना है।

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साढ़े सात साल का कोर्स

यह विशेष एकीकृत पाठ्यक्रम कुल साढ़े सात वर्ष की शैक्षणिक अवधि का होगा। इसे तीन चरणों में विभाजित किया गया है—जिसमें शुरुआती दो वर्ष का प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम कार्यक्रम, उसके बाद साढ़े चार वर्ष का मुख्य बीएएमएस (BAMS) पाठ्यक्रम और अंत में एक वर्ष की अनिवार्य क्लिनिकल इंटर्नशिप शामिल है। इस पूरे कार्यक्रम को राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) से पूर्ण मंजूरी और अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। इस वर्ष जनवरी में ही इस योजना से संबंधित संबद्धता पोर्टल की शुरुआत की गई थी, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है।

शैक्षणिक योग्यता और नियम

इस ऐतिहासिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त सामान्य स्कूल बोर्ड, राज्य संस्कृत बोर्ड या समकक्ष बोर्ड से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग (General Category) के अभ्यर्थियों के लिए 10वीं में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग श्रेणी के छात्रों के लिए 40 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। इस कोर्स के जरिए आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों की आयु 31 दिसंबर 2026 तक न्यूनतम 15 वर्ष और अधिकतम 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। नियमों के मुताबिक किसी भी वर्ग के लिए आयु सीमा में छूट का कोई प्रावधान नहीं है।

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परीक्षा की महत्वपूर्ण तिथियां

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति और शिक्षाविदों के अनुसार, यह अनूठा पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) को एक नई वैश्विक पहचान दिलाएगा। इस राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया जुलाई के तीसरे सप्ताह से आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी जाएगी। वहीं, इसकी प्री-आयुर्वेद नीट प्रवेश परीक्षा अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में देश भर के विभिन्न बड़े परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। इस कोर्स के पूरा होने के बाद संस्कृत पृष्ठभूमि के छात्र भी देश में प्राधिकृत आयुर्वेदिक डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

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