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आयुर्वेद से जानें: ब्यूटी स्लीप, त्वचा व सेहत के लिए क्यों है जरूरी

Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग देर रात जागकर अपनी सेहत और त्वचा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आयुर्वेद में “निद्रा बलं, पुष्टिं, ज्ञानं, सुखं च ददाति” यानी अच्छी नींद शरीर को ताकत, पोषण, आनंद और ज्ञान देती है। रात को

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Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग देर रात जागकर अपनी सेहत और त्वचा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आयुर्वेद में “निद्रा बलं, पुष्टिं, ज्ञानं, सुखं च ददाति” यानी अच्छी नींद शरीर को ताकत, पोषण, आनंद और ज्ञान देती है।

रात को गहरी नींद के दौरान शरीर खुद की मरम्मत करता है। नई त्वचा की कोशिकाएं बनती हैं, कोलेजन तैयार होता है और पुरानी कोशिकाएं हट जाती हैं। यही वजह है कि अच्छी नींद को “ब्यूटी स्लीप” कहा जाता है। पर्याप्त नींद से त्वचा में नमी बनी रहती है, कोलेजन की मात्रा बढ़ती है और झुर्रियां, काले घेरे या बेजानपन जल्दी नहीं आता। नींद की कमी से चेहरे पर सुस्ती, काले घेरे और एजिंग के लक्षण बढ़ जाते हैं।

गहरी नींद से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है, ऑक्सीजन और पोषक तत्व त्वचा तक सरलता से पहुंचते हैं जिससे सुबह चेहरा ताजा और चमकदार दिखता है। सोते वक्त तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) घटता है, जिससे त्वचा की लोच बनी रहती है।

वयस्कों को रोज कम से कम 7-8 घंटे, किशोरों को 8-10 घंटे, और बच्चों को 10-12 घंटे की नींद जरूरी है। गुणवत्ता भी मायने रखती है। आयुर्वेद कहता है कि रात 10 बजे से पहले सोना चाहिए क्योंकि यह कफ काल होता है—नींद लाने का सर्वोत्तम समय। सोने से पहले गुनगुना दूध या त्रिफला लेना, पैरों पर सरसों का तेल लगाना और ध्यान करना नींद को गहरा और शांत बनाता है। हल्की रोशनी, शांत माहौल और संतुलित तापमान भी मददगार है।

घरेलू नुस्खे जैसे रात को गर्म दूध में हल्दी या जायफल पाउडर मिलाकर पीना, मोबाइल और कैफीन से दूर रहना, सोने से पहले गहरी सांस लेना—इनसे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और त्वचा, मन व शरीर में नई ऊर्जा आती है।

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