Career Adda: यदि आप 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपने भविष्य और करियर को एक नई तथा रोमांचक दिशा देना चाहते हैं, तो विमानन क्षेत्र आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। आज के आधुनिक दौर में कुछ विशेष शॉर्ट टर्म कोर्स या प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स करके आप इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। इस चमकीले करियर में न केवल आकर्षक वेतन (अच्छा पैसा) मिलता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर घूमने और तरक्की करने के असीमित अवसर भी मौजूद हैं। वर्तमान समय में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के विस्तार के कारण इन पदों के लिए युवाओं की मांग बाजार में लगातार तेजी से बढ़ रही है।
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एयर होस्टेस के अवसर
विमानन उद्योग में केबिन क्रू यानी एयर होस्टेस की नौकरी को हमेशा से एक बेहद प्रतिष्ठित और आकर्षक पद माना जाता रहा है। इस करियर की सबसे अच्छी बात यह है कि एयर होस्टेस बनने के लिए उम्मीदवारों को किसी विशेष या लंबी ग्रेजुएशन डिग्री की आवश्यकता नहीं होती है। किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम अंकों के साथ 12वीं पास करने के बाद और एयरलाइंस द्वारा निर्धारित आवश्यक शारीरिक मापदंडों (जैसे लंबाई और फिटनेस) को पूरा करके आप इस नौकरी को आसानी से पा सकते हैं। इसके लिए बाजार में कई प्रतिष्ठित संस्थान 6 महीने से 1 साल तक के सर्टिफिकेट कोर्स संचालित करते हैं।
कमर्शियल पायलट की मांग
भारतीय एविएशन सेक्टर में दर्ज की जा रही ऐतिहासिक विकास दर (Growth) को देखते हुए देश-विदेश में कमर्शियल पायलटों की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रही है। यही मुख्य कारण है कि भारत में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) लेने वाले युवाओं की संख्या में साल दर साल भारी इजाफा दर्ज किया जा रहा है। इस तकनीकी और जिम्मेदारी से भरे फील्ड में अपना करियर बनाने के लिए भी किसी पारंपरिक कॉलेज डिग्री की आवश्यकता नहीं होती है।
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लाइसेंस और प्रवेश परीक्षा
इस प्रतिष्ठित फील्ड में कदम रखने के लिए अभ्यर्थी का साइंस स्ट्रीम (भौतिकी और गणित विषयों के साथ) से न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके बाद अभ्यर्थियों को देश या विदेश के किसी मान्यता प्राप्त फ्लाइंग स्कूल में दाखिला लेने के लिए एक प्रवेश परीक्षा (Entrance Test) उत्तीर्ण करनी होती है। फ्लाइंग स्कूल में निर्धारित घंटों की उड़ान का प्रशिक्षण पूरा करने और सभी आवश्यक परीक्षाएं पास करने के बाद उम्मीदवारों को कमर्शियल पायलट का आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त होता है, जिसके बाद वे किसी भी बड़ी एयरलाइंस में सीधे पायलट के रूप में उड़ान भर सकते हैं।
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