Career Adda: अगर आप एडवेंचर से भरपूर लाइफस्टाइल और कम उम्र में ही आसमान छूती सैलरी पाना चाहते हैं, तो मर्चेंट नेवी आपके लिए एक बेहतरीन करियर विकल्प साबित हो सकता है। वर्तमान में वैश्विक व्यापार के विस्तार के कारण दुनिया भर में कमर्शियल शिपिंग कंपनियां तेजी से फल-फूल रही हैं। इसी गति को देखते हुए भारत सरकार ने विजन 2047 के तहत देश की मैरीटाइम इंडस्ट्री (समुद्री उद्योग) में लगभग डेढ़ करोड़ से ज्यादा नए रोजगार के अवसर विकसित होने की मजबूत संभावना जताई है। इस तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए छात्रों की इंजीनियरिंग, मरीन मशीनरी, आधुनिक जहाजरानी सिस्टम और नेविगेशन तकनीकों में विशेष रुचि होना अनिवार्य है।
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क्या है मर्चेंट नेवी और योग्यता?
अनिवार्य कोर्स और विभाग
मर्चेंट नेवी के बेड़े में अलग-अलग विभागों के संचालन के लिए छात्रों को संबंधित विधा में प्रोफेशनल कोर्स करना होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप जहाज के संचालन यानी ‘डेक विभाग’ (Deck Department) में काम करना चाहते हैं, तो आपको ‘बीएससी इन नॉटिकल साइंस’ (B.Sc. in Nautical Science) कोर्स करना होगा। वहीं दूसरी ओर, यदि आपकी रुचि जहाज के तकनीकी रख-रखाव यानी ‘इंजन विभाग’ में है, तो आपके लिए मरीन इंजीनियरिंग की डिग्री लेना आवश्यक है। छात्र अपनी रुचि और काबिलियत के अनुसार इन संबंधित मरीन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर आगे बढ़ सकते हैं।
बंपर सैलरी पैकेज
शुरुआती स्तर पर सबसे अधिक वेतन देने वाले क्षेत्रों में मर्चेंट नेवी का नाम सबसे ऊपर आता है। इस फील्ड में सामान्य डिप्लोमा के बाद शुरुआती स्तर पर हर महीने 30 से 35 हजार रुपये आसानी से कमाए जा सकते हैं। वहीं, जो छात्र बीएससी नॉटिकल साइंस या मरीन इंजीनियरिंग जैसे 3 से 4 साल के मुख्य डिग्री कोर्स पूरा करने के बाद कैडेट के रूप में शामिल होते हैं, वे शुरुआती दौर में ही 45 से 90 हजार रुपये प्रति माह की सैलरी हासिल कर लेते हैं। इस क्षेत्र में मिलने वाला वेतन टैक्स-फ्री (Tax-Free) श्रेणियों में भी आता है, और थोड़े से अनुभव व प्रमोशन के बाद अधिकारी स्तर पर सैलरी 1 लाख से लेकर कई लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच जाती है।
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