Career Adda: भारतीय वायु सेना (IAF) में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले देश के प्रतिभावान इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। वायु सेना ने अपनी तकनीकी शाखा (Technical Branch) की चयन प्रक्रिया में एक युगांतरकारी बदलाव करते हुए अब ‘गेट’ (GATE) परीक्षा के स्कोर को भी आधिकारिक तौर पर मान्यता दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद, अब ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) उत्तीर्ण करने वाले मेधावी अभ्यर्थी वायु सेना चयन बोर्ड (AFSB) के साक्षात्कार (Interview) के लिए सीधे शॉर्टलिस्ट किए जा सकेंगे। इस नए राष्ट्रीय प्रावधान से उम्मीदवारों को वायु सेना की प्रारंभिक लिखित परीक्षा में बैठने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया बेहद सुगम, तीव्र और पूरी तरह योग्यता आधारित हो जाएगी।

एएफसीएटी का विकल्प भी रहेगा जारी

वायु सेना प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि इस नई और सरल योजना का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि तकनीकी शाखा में भविष्य की सभी भर्तियां केवल गेट स्कोर के माध्यम से ही की जाएंगी। वायु सेना की पारंपरिक साझा प्रवेश परीक्षा यानी ‘एएफसीएटी’ (AFCAT – Air Force Common Admission Test) पूर्व की भांति सभी शाखाओं (फ्लाइंग, ग्राउंड ड्यूटी तकनीकी और गैर-तकनीकी) के लिए पूरी तरह लागू रहेगी। इस निर्णय के बाद अब इंजीनियरिंग स्नातक अभ्यर्थियों के पास यह दोहरा और बेहतरीन विकल्प होगा कि वे अपनी शैक्षणिक सुविधा, तैयारी और योग्यता के अनुसार इन दोनों में से किसी भी एक माध्यम का चयन कर वायु सेना में सीधे आवेदन कर सकते हैं।

शीर्ष इंजीनियरिंग प्रतिभाओं पर नजर

गौरतलब है कि एएफसीएटी भारतीय वायु सेना की एक ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा है, जिसमें सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी, रीजनिंग, न्यूमेरिकल एबिलिटी और मिलिट्री एप्टीट्यूड जैसे कठिन विषय शामिल होते हैं। वहीं दूसरी ओर, गेट (GATE) एक अत्यंत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसे मुख्य रूप से आईआईटी (IIT) में एमटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में शीर्ष पदों पर नौकरियों के लिए आयोजित किया जाता है। रक्षा मंत्रालय का यह दूरदर्शी कदम देश की सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग प्रतिभाओं को सीधे सैन्य सेवाओं की ओर आकर्षित करने और रक्षा क्षेत्र के तकनीकी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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