घाघरा (गुमला)। घाघरा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक एसएस हाई स्कूल, घाघरा के खेल मैदान एवं विद्यालय परिसर की भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध कब्जे के प्रयास को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस मामले को लेकर क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने गुमला उपायुक्त को मांग पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और भूमि के सही सीमांकन की मांग की है।ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार मौजा घाघरा, थाना संख्या-79, खाता संख्या-66, प्लॉट संख्या-1266 के अंतर्गत आने वाली लगभग 1.92 एकड़ ‘सड़क टांड़’ भूमि 21 जुलाई 1959 को एक रजिस्टर्ड बक्सीनामा पट्टा के माध्यम से एसएस हाई स्कूल घाघरा को खेल मैदान के लिए प्राप्त हुई थी। तब से विद्यालय का इस भूमि पर शांतिपूर्ण कब्जा चला आ रहा है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान में दिवंगत भीखम महली के वारिसान द्वारा बिना वैधानिक अधिकार के उक्त विद्यालय भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस भूमि को लेकर पूर्व में न्यायालय में भी विवाद चल चुका है। टाइटल सूट संख्या 31/2006 में विद्यालय के पक्ष में फैसला आया था, जबकि बाद में सिविल अपील संख्या 08/2022 में जिला जज की अदालत ने विरोधी पक्ष के पक्ष में निर्णय दिया। ग्रामीणों ने बताया कि इस फैसले के विरुद्ध झारखंड उच्च न्यायालय, रांची में द्वितीय अपील एस.ए./3564/2025 दायर की गई है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। इसके बावजूद विरोधी पक्ष द्वारा कथित रूप से भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर सीमांकन कराकर जमीन पर दखल देने की कोशिश की जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय को दान में लगभग 10.5 एकड़ भूमि प्राप्त हुई थी, लेकिन समय के साथ अधिकांश भूमि पर अतिक्रमण हो चुका है। वर्तमान में विद्यालय परिसर और खेल मैदान ही शेष बचे हैं। यदि इस भूमि पर भी कब्जा हो जाता है तो विद्यालय में अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थियों के शैक्षणिक और खेलकूद संबंधी भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की है कि विद्यालय को दान में प्राप्त संपूर्ण भूमि की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध कब्जों को हटाया जाए तथा नए सिरे से सही सीमांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही क्षेत्र की शांति व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप करने की भी मांग की गई है। इस संबंध में सौंपे गए मांग पत्र की प्रतिलिपि अंचलाधिकारी घाघरा, थाना प्रभारी घाघरा, अनुमंडल पदाधिकारी गुमला, जिला शिक्षा पदाधिकारी गुमला सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। आवेदन पर 33 से अधिक ग्रामीणों एवं प्रबुद्ध नागरिकों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।




