गुमला/चैनपुर: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के सचिव के निर्देशानुसार चैनपुर प्रखंड के बसाईर टोली ग्राम में नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी प्रदान करना था।
अभियान के तहत आयोजित विशेष बैठक में ग्रामीण महिला-पुरुषों को संबोधित करते हुए बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार, समाज और आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर प्रभाव डालती है। वक्ताओं ने कहा कि नशे के कारण पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी, अपराध और सामाजिक असुरक्षा जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नशे से दूर रहकर स्वस्थ और जागरूक जीवन अपनाना चाहिए।
बैठक में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। साथ ही युवाओं को विशेष रूप से नशे की लत से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान उपस्थित लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
अभियान में पैरा लीगल वॉलंटियर विष्णु रौतिया ने ग्रामीणों को नशा मुक्ति, सामाजिक जागरूकता तथा विधिक साक्षरता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित समाज की नींव रखते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया। बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे और सभी ने अभियान को उपयोगी एवं जनहितकारी पहल बताया।




