Social News: यहां महज़ एक घंटे पहले जन्मी नवजात बच्ची को उसकी मां से छीनकर पुलिस ने फोस्टर केयर में भेज दिया। वजह बनी एक ऐसा टेस्ट, जिसे कुछ महीने पहले ही इनुइट मूल की महिलाओं के लिए बैन कर दिया गया था। 18 साल की इवाना निकोलिन ब्रॉनलुंड ग्रीनलैंड की रहने वाली हैं। हैंडबॉल खिलाड़ी रह चुकी इवाना ने 11 अगस्त को कोपेनहेगन के पास एक अस्पताल में अपनी बेटी अवियाजा-लूना को जन्म दिया। लेकिन खुशी का यह पल ज्यादा देर नहीं टिक सका। जन्म के महज़ 60 मिनट बाद ही स्थानीय अधिकारियों ने बच्ची को इवाना से अलग कर दिया।

अधिकारियों का कहना है कि इवाना को अतीत में हुए ट्रॉमा के कारण मां बनने के लिए ‘फिट’ नहीं माना गया। बच्ची का पिता यौन शोषण के मामले में जेल की सजा काट रहा है। इसी आधार पर बच्ची को उनसे अलग कर दिया गया। इतना ही नहीं, इवाना को यहां तक कह दिया गया कि वह ‘ग्रीनलैंडिक नहीं हैं’ इसलिए बैन उनके मामले में लागू नहीं होगा। इस घटना ने ग्रीनलैंड, डेनमार्क, आइसलैंड और अन्य देशों में विरोध की लहर पैदा कर दी है। कई मानवाधिकार संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। डेनमार्क की सामाजिक मामलों की मंत्री सोफी हेस्टॉर्प एंडरसन ने भी साफ कहा कि इस मामले में स्थानीय प्रशासन को जवाब देना होगा क्योंकि ‘कानून बिल्कुल स्पष्ट है, इनुइट परिवारों पर यह टेस्ट लागू नहीं होना चाहिए।

इवाना पर ‘पैरेंटिंग कंपिटेंसी टेस्ट लागू किया गया, जबकि इस टेस्ट को इस साल मई में इनुइट परिवारों पर इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। बावजूद इसके, अधिकारियों ने अप्रैल से ही इवाना पर टेस्ट शुरू कर दिया था और जून में इसे पूरा किया। गर्भवती इवाना को पहले से ही बता दिया गया था कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसे छीन लिया जाएगा। इवाना ने बातचीत में कहा, ‘मैं डेलिवरी नहीं करना चाहती थी, क्योंकि मुझे पता था कि उसके बाद मेरी बच्ची मुझसे छीन ली जाएगी। जब तक वह मेरे पेट में थी, तब तक ही मैं उसे अपने करीब महसूस कर पा रही थी।

बच्ची से मिलने की इजाजत भी इवाना को सिर्फ एक बार मिली, वह भी एक घंटे के लिए। इस दौरान वह न तो अपनी बेटी को गोद में ले सकीं, न ही उसका नैपी बदल सकीं। मुलाकात अचानक खत्म कर दी गई क्योंकि स्टाफ का मानना था कि बच्ची ‘थक गई’ है। अब इवाना को अपनी बेटी से मिलने की इजाजत केवल पंद्रह दिन में एक बार, दो घंटे के लिए दी गई है। मामला 16 सितंबर को अदालत में सुना जाएगा। मां की हालत बयान करते हुए एक कार्यकर्ता ने कहा, ‘इवाना को उनके अतीत के लिए सज़ा दी जा रही है, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। बच्ची और मां दोनों को इस फैसले से गहरा नुकसान हो रहा है।’

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