रांची: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने गुरुवार को एक और कामयाबी हासिल की है। राजधानी रांची के सिल्ली अंचल कार्यालय में कार्यरत एक अमीन को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब अमीन एक किसान से जमीन की मापी और सरकारी दस्तावेज़ तैयार करने के बदले रुपयों की मांग कर रहा था।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, सिल्ली के रहने वाले वासुदेव महतो अपनी पुश्तैनी जमीन की नापी करवाना चाहते थे। इसके साथ ही उन्हें जमीन की रिपोर्ट और नक्शे की भी आवश्यकता थी। जब वे सिल्ली अंचल कार्यालय पहुँचे, तो वहां तैनात अमीन गणेश महतो ने काम करने के बदले मोटी रकम की मांग कर दी। पीड़ित वासुदेव महतो रिश्वत देकर अपना जायज काम नहीं करवाना चाहते थे। उन्होंने हिम्मत दिखाई और सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के रांची मुख्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
ACB का बिछाया जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में अमीन द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। बताया जा रहा है कि शुरुआत में अमीन ने बड़ी रकम मांगी थी, लेकिन वासुदेव की आर्थिक स्थिति का हवाला देने पर सौदा 8,000 रुपये में तय हुआ।
जैसे ही गुरुवार को वासुदेव महतो तय योजना के अनुसार अमीन गणेश महतो को पैसे देने पहुँचे, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की विशेष टीम ने उसे धर दबोचा। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसीबी की टीम आरोपी अमीन को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रांची ले आई है।
भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में जनता को परेशान करने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं और तुरंत इसकी सूचना ब्यूरो को दें।



