Hobart, (Australia): होबार्ट के निंजा स्टेडियम में शनिवार का मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं था, बल्कि एक सुनहरे करियर का भावुक समापन भी था। ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने भारत के खिलाफ अपने आखिरी वनडे में ऐसी पारी खेली, जिसे क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे।

ओपनिंग करने उतरी हीली ने शुरुआत में धैर्य दिखाया। नई गेंद को समझते हुए उन्होंने पारी को संभाला और 49 गेंदों में 8 चौकों की मदद से अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उनका अंदाज पूरी तरह बदल गया। जैसे ही लय मिली, रन बरसने लगे। अगली 30 गेंदों में हीली 50 से सीधे 100 के पार पहुंच गईं। उनका शतक 79 गेंदों में पूरा हुआ और स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।

फोएबे लीचफील्ड के साथ पहले विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी के बाद जॉर्जिया वॉल (62 रन) के साथ 104 रन जोड़े गए। तीसरे विकेट के लिए बेथ मूनी के साथ 145 रन की मजबूत साझेदारी ने भारत पर दबाव और बढ़ा दिया। हीली ने अपनी 98 गेंदों की पारी में 27 चौके और 2 छक्के जड़े। आखिरकार स्नेह राणा की गेंद पर वह बोल्ड हुईं, लेकिन तब तक ऑस्ट्रेलिया मैच पर पकड़ बना चुका था।

वनडे करियर की बात करें तो 126 मैचों में 3,777 रन, 8 शतक और 19 अर्धशतक उनके नाम दर्ज हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 170 रहा। टेस्ट और टी20 में भी उन्होंने अहम योगदान दिया। 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाली हीली दो वनडे विश्व कप और छह टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं। 2022 विश्व कप फाइनल में उनका प्रदर्शन आज भी क्रिकेट फैंस को याद है।

हीली की यह विदाई पारी उनके शानदार करियर का परफेक्ट समापन साबित हुई — आक्रामक, आत्मविश्वासी और ऐतिहासिक।

Share.
Exit mobile version