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डुमरी गुमला – आकांक्षी प्रखंड डुमरी से एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहाँ आदिम जनजाति आवास योजना के अंतर्गत लाभुक को आवास निर्माण की राशि ट्रांसफर करने के एवज़ में आवास कॉर्डिनेटर उमा शंकर यादव पर ₹5000 की रिश्वत लेने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, महेंद्र असुर, ग्राम- करमदोन असुरटोली, थाना- डुमरी ने प्रखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष इग्नासियुस मिंज को उपायुक्त गुमला के नाम आवेदन देते हुए आरोप लगाया है कि स्व सुगंती कोरवाइन, पति- चंद्र कोरवा के नाम से प्रधानमंत्री जनमन आवास की स्वीकृति हुई थी। जिसके बाद सुगंती कोरवाइन की आकस्मिक मृत्यु हो जाने के बाद उसके पति चंद्र कोरवा के खाता में राशि ट्रांस्फ़र करने के नाम पर डुमरी के आवास कॉर्डिनेटर उमा शंकर यादव ने 5000 रुपया लिया और कहा कि 5000 रुपया देने के बाद ही आगे का राशि ट्रांस्फ़र किया जाएगा। साथ ही उसने आरोप लगाया है कि सरकारी योजना में बिना पैसा दिए काम नहीं होता है। साथ ही उन्होंने आवेदन में जाँच कर ठोस क़ानूनी करवाई की माँग की है।
इस आवेदन में करनी पंचायत के स्थानीय मुखिया संजय उरांव ने उपायुक्त गुमला से जाँच कर करवाई करने की अनुशंसा किया है। इस संबंध में करनी पंचायत के स्थानीय मुखिया संजय उरांव ने कहा कि मुझे जानकारी प्राप्त हुई है कि आवास के दूसरे किस्त की राशि डालने के लिए 5000 रुपया लिया गया है जिसे उन्होंने अनुचित बतलाते हुए उचित करवाई की माँग की है।
वही इस संबंध में करनी पंचायत के पूर्व मुखिया और सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र उरांव ने कहा कि यहाँ भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है बिना किसी पैसा के कोई भी सरकारी काम नहीं होता है। और कोई भी मामला प्रकाश में आने पर आपस में मैनेज कर लिया जाता है जिससे यहाँ किसी भी समस्या का सुनवाई नहीं हो पता है। सभी प्रकार के काम में पैसा का माँग किया जाता है जिससे ग़रीब जन पैशा देने में मजबूर है उन्होंने इस प्रकरण में उपायुक्त गुमला से जाँच कर सख़्त करवाई की माँग की है जिससे ग़रीब जनता को हर काम करवाने के लिए पैसा न देना पड़े।
वही इस संबंध में प्रखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष इग्नासियूस मिंज ने कहा कि महेंद्र असुर के द्वारा मुझे आवेदन प्राप्त हुआ है जिसे उपायुक्त महोदय के पास पहुचाने का काम करेंगे साथ ही उन्होंने जाँच कर उचित करवाई की माँग करते हुए कहा कि इस तरह का लेन देन नहीं होना चाहिए ये सरासर ग़लत है। उन्होंने कहा कि वो उपायुक्त गुमला से मिलकर प्राप्त आवेदन देंगे और उनसे जाँच कर सख़्त करवाई की माँग करेंगे।
वही अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जिससे गरीब आदिवासी परिवारों और आदिम जनजाति के लोगो को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

