Chaibasa News: झारखंड में छात्रों की परेशानियों को लेकर ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) ने राज्य सरकार पर सीधा निशाना साधा है। संगठन का कहना है कि लाखों छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने में लगातार देरी हो रही है और इसी बीच मैट्रिक व इंटर परीक्षा शुल्क बढ़ाकर सरकार ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

“खनिज समृद्ध राज्य, लेकिन छात्र परेशान”

AIDSO के प्रदेश सचिव सोहन महतो ने कहा कि झारखंड संसाधनों से भरपूर है, मगर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद कमजोर होती जा रही है। उन्होंने बताया कि यूजी, पीजी, बी.एड, इंजीनियरिंग, बीटेक और प्रोफेशनल कोर्सेज के हजारों विद्यार्थी महीनों से छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे हैं। इससे कई छात्रों की पढ़ाई सीधे प्रभावित हो रही है।

शुल्क बढ़ोतरी ने बढ़ाई चिंताएँ

सोहन महतो ने इंटर और मैट्रिक परीक्षा शुल्क में वृद्धि को छात्रों पर नया आर्थिक बोझ बताया। उन्होंने कहा कि छात्र पहले ही महंगाई और फीस के बोझ से जूझ रहे हैं, ऐसे में शुल्क वृद्धि अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तो AIDSO राज्यव्यापी आंदोलन करेगा।

चार लाख छात्र इंतजार में, केवल 10% को ही मिली छात्रवृत्ति

प्रदेश अध्यक्ष समर महतो ने बताया कि राज्य में चार लाख से ज्यादा छात्र छात्रवृत्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ दिखावे में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि JAC अधिकारियों के फोन और ऑफिस मद को 5,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर देना बताता है कि प्रशासन अपने खर्च बढ़ाने में पीछे नहीं, लेकिन छात्रों की फंडिंग के लिए पैसे नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सत्र 2024–25 में अब तक सिर्फ लगभग 10% छात्रों को ही छात्रवृत्ति मिली है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

AIDSO की मांगें

संगठन ने तीन प्रमुख बातें साफ कही- 
मैट्रिक–इंटर शुल्क बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए,
छात्रवृत्ति का भुगतान अविलंब हो,
और हर वर्ष जरूरतमंद विद्यार्थियों को समय पर राशि मिले।

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