अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर हिंसा के नए दौर के बाद अफगान सरकार ने आधिकारिक बयान दिया है। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि इस्लामिक अमीरात शांति की कोशिशों के तहत दोहा में पाकिस्तानी पक्ष से वार्ता के वादे पर अडिग है। देश के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में अफगानी प्रतिनिधिमंडल दोहा रवाना हो गया है।

पाकिस्तान द्वारा पक्तिका प्रांत में हुए हवाई हमले की अफगान सरकार ने कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया— “हम अपनी संप्रभुता के उल्लंघन और आक्रमण का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं, लेकिन हमारी टीम की गरिमा के चलते संयम बरतेंगे।” इस बयान में युद्ध टालने और क्षेत्रीय सुरक्षा पर जोर दिया गया।

अफगानिस्तान शांति समाधान चाहता है, लेकिन जवाब देना जरूरी

अफगान सरकार ने कहा- उनका प्रयास युद्ध को टालना है, लेकिन आक्रामकता की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। दोनों देशों के बीच दोहा वार्ता को लेकर उम्मीदें बनी हैं।

इस तनाव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्तक्षेप के संकेत दिए और कहा, अगर उन्हें इसे सुलझाना पड़े तो उनके लिए यह आसान है, लेकिन वे फिलहाल अमेरिका चलाने में व्यस्त हैं। ट्रंप ने कहा, “मुझे लोगों को मरने से रोकना पसंद है, मैंने करोड़ों लोगों की जान बचाई है।”

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