रांची: घरेलू गैस की किल्लत और सिलेंडरों की होम डिलीवरी में हो रही देरी को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत ने शनिवार को गैस एजेंसियों और तेल कंपनियों (IOCL) के प्रतिनिधियों के साथ एक आपात बैठक की।

हजारों सिलेंडर पेंडिंग, जनता परेशान

समीक्षा के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। पता चला कि शहर की तीन प्रमुख एजेंसियों आनंद, इंद्रप्रस्थ और उरांव गैस एजेंसी के पास कुल मिलाकर 14,700 से अधिक सिलेंडरों की डिलीवरी लंबित है। उपभोक्ताओं के डीएसी (DAC) नंबर जेनरेट होने के बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए एसडीओ ने एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया कि इस बैकलॉग को तत्काल खत्म किया जाए।

होम डिलीवरी पर जोर, सड़कों पर भीड़ बर्दाश्त नहीं

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस एजेंसियों को अपनी होम डिलीवरी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना होगा। अक्सर गैस की किल्लत होने पर एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जमा हो जाती है, जिससे ट्रैफिक और सुरक्षा की समस्या पैदा होती है। अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को घर बैठे सिलेंडर मिलना चाहिए ताकि उन्हें सड़कों पर लाइन न लगानी पड़े।

वहीं, इंडियन ऑयल (IOCL) के प्रतिनिधियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे एजेंसियों को सिलेंडर की सप्लाई में कोई कमी न आने दें। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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