Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र एवं टाटा लीज भूमि अतिक्रमण से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद ने की। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के कार्यों की क्रमवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अपर उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कोई भी विभाग अपने वार्षिक लक्ष्य से पीछे न रहे और आंतरिक संसाधनों के माध्यम से राजस्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य कर विभाग के अर्बन, जमशेदपुर एवं सिंहभूम सर्किल की समीक्षा में यह सामने आया कि वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले औसतन 50 प्रतिशत राजस्व की वसूली हो चुकी है। उन्होंने करदाताओं के ऑडिट, फील्ड निरीक्षण, बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई तथा डेटा एनालिटिक्स के बेहतर उपयोग पर बल दिया ताकि वास्तविक और सही राजस्व प्राप्त हो सके।
पंजीयन कार्यालयों की समीक्षा में जमशेदपुर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध 60 प्रतिशत तथा घाटशिला में शत-प्रतिशत राजस्व संग्रहण की जानकारी दी गई। अपर उपायुक्त ने सरकारी जमीनों की रजिस्ट्री में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न होने देने के सख्त निर्देश दिए। परिवहन विभाग ने अब तक 79 प्रतिशत राजस्व वसूली की है, जबकि मोटरयान निरीक्षक द्वारा 28 प्रतिशत राजस्व संग्रह किया गया है। वहीं जेएनएसी, मानगो नगर निगम तथा जुगसलाई और चाकुलिया नगर परिषदों द्वारा लगभग 60 प्रतिशत राजस्व जमा किया गया है। बिजली विभाग के तीनों प्रमंडलों ने वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले औसतन 90 प्रतिशत राजस्व वसूली की है। इसके अलावा नवंबर माह में बिजली, परिवहन, कृषि और उत्पाद विभाग ने अपने लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित किया है।
नीलाम पत्र मामलों की समीक्षा के दौरान अपर उपायुक्त ने लंबित मामलों में शीघ्र नोटिस जारी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर कुर्की, वारंट और नीलामी जैसी कानूनी प्रक्रियाओं को अपनाकर बकाया राजस्व की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भू-अर्जन की समीक्षा में राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग परियोजनाओं से संबंधित भूमि अधिग्रहण एवं रैयतों को मुआवजा भुगतान की स्थिति पर चर्चा की गई। इस क्रम में ड्रेनेज एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग, वन भूमि से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र, अंचलाधिकारी स्तर से सत्यापन प्रतिवेदन और संयुक्त भौतिक निरीक्षण जैसे बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में टाटा लीज भूमि अतिक्रमण की स्थिति की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।



