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झारखंड HC का एक्शन: रिम्स जमीन मामले में ACB जांच, बिल्डर-अफसर नपेंगे

Ranchi News: झारखंड की सबसे बड़ी चिकित्सा संस्थान रिम्स (RIMS) की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिससे भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस

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Ranchi News: झारखंड की सबसे बड़ी चिकित्सा संस्थान रिम्स (RIMS) की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिससे भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने न केवल अतिक्रमण हटाने के आदेश को बरकरार रखा, बल्कि इस पूरे खेल में शामिल सफेदपोशों और अफसरों के खिलाफ एसीबी (ACB) जांच का बिगुल फूंक दिया है।

दोषी अफसरों पर गिरेगी गाज; एसीबी दर्ज करेगी प्राथमिकी

अदालत ने इस मामले को अधिकारियों की ‘खुली मिलीभगत’ करार दिया है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि उन तमाम अफसरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए, जिन्होंने सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बनाने में मदद की। इसमें वे राजस्व अधिकारी शामिल हैं जिन्होंने रिकॉर्ड में हेराफेरी की, किराया रसीदें काटीं और वे नगर निगम के अधिकारी भी रडार पर हैं जिन्होंने अवैध रूप से नक्शे पास किए। कोर्ट ने कड़े शब्दों में पूछा कि जब रिम्स की सात एकड़ जमीन पर दुकानें और मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट बन रहे थे, तब प्रशासन कुंभकर्णी नींद में क्यों सोया था?

एक अनोखा आदेश: सरकार नहीं, दोषी भरेंगे मुआवजे की रकम

इस फैसले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मुआवजे को लेकर है। कोर्ट ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए कहा कि जिन लोगों के घर तोड़े जा रहे हैं, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए। लेकिन, यह पैसा सरकारी खजाने (जनता की कमाई) से नहीं जाएगा। अदालत ने साफ किया है कि मुआवजे की पाई-पाई उन दोषी अधिकारियों और बिल्डरों की संपत्ति से वसूली जाएगी, जिन्होंने लोगों को धोखे में रखकर सरकारी जमीन पर फ्लैट्स बेचे।

1964 का अधिग्रहण और 2025 का न्याय

बता दें कि रिम्स की इस जमीन का अधिग्रहण वर्ष 1964-65 में हुआ था। समय के साथ भू-माफियाओं ने सरकारी रसूख का इस्तेमाल कर यहां मंदिर, पार्क और ऊँची इमारतें खड़ी कर दीं। अब हाई कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद राजधानी रांची में सरकारी जमीनों पर कुंडली मारकर बैठे अतिक्रमणकारियों में डर का माहौल है। एसीबी की जांच शुरू होते ही कई बड़े नामों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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