म्यूटेशन के बदले मांग रहे थे घूस; गिरिडीह में सरकारी बाबू का खेल खत्म
गिरिडीह के बेंगाबाद अंचल कार्यालय में एसीबी का छापा। जमीन म्यूटेशन के नाम पर रिश्वत लेते सीआई सुरेंद्र यादव और उनके सहयोगी मुकेश कुमार गिरफ्तार। धनबाद ले गई टीम।
Giridih News: भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में धनबाद एसीबी (Anti-Corruption Bureau) की टीम ने गुरुवार को गिरिडीह जिले के बेंगाबाद अंचल कार्यालय में एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है।
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टीम ने अंचल निरीक्षक (CI) सुरेंद्र यादव और उनके एक निजी सहयोगी मुकेश कुमार को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस औचक कार्रवाई से पूरे ब्लॉक मुख्यालय में हड़कंप मच गया और कई अधिकारी अपने कमरों को छोड़कर बाहर निकल आए।
म्यूटेशन के नाम पर मांगी थी रिश्वत: शिकायतकर्ता ने खोला मोर्चा
पूरा मामला जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) से जुड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, एक ग्रामीण अपनी पैतृक जमीन के म्यूटेशन के लिए पिछले कई दिनों से अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि सीआई सुरेंद्र यादव ने काम करने के एवज में एक मोटी रकम की मांग की थी। रिश्वत न देने की इच्छा रखते हुए पीड़ित ने इसकी शिकायत धनबाद एसीबी से कर दी। एसीबी ने जब गुप्त तरीके से मामले का सत्यापन कराया, तो घूस मांगने की बात पूरी तरह सही पाई गई।
रिश्वत थामते ही चढ़े हत्थे; धनबाद ले गई एसीबी की टीम
तय योजना के अनुसार, गुरुवार को जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की पहली किश्त लेकर पहुंचा, सादे लिबास में तैनात एसीबी के जवानों ने घेराबंदी कर दी। जैसे ही सीआई के इशारे पर उनके सहयोगी मुकेश ने पैसे थामे, टीम ने दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आनन-फानन में कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और दोनों आरोपियों को एसीबी की टीम अपने साथ धनबाद ले गई। बेंगाबाद अंचल कार्यालय में इस खबर के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।