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डीपीएस चास का ‘आकार आर्ट फेस्टिवल’ बना आकर्षण, विद्यार्थियों ने कला से जीता सबका दिल

Bokaro news: दिल्ली पब्लिक स्कूल, चास, बोकारो में आयोजित चार दिवसीय अंतरसदनीय सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य समापन आज शनिवार को ‘आकार आर्ट फेस्टिवल’ के साथ हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन विद्यालय परिसर रंगों, कल्पनाओं और सृजनात्मक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। प्री-नर्सरी से कक्षा बारहवीं

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Bokaro news: दिल्ली पब्लिक स्कूल, चास, बोकारो में आयोजित चार दिवसीय अंतरसदनीय सांस्कृतिक महोत्सव का भव्य समापन आज शनिवार को ‘आकार आर्ट फेस्टिवल’ के साथ हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन विद्यालय परिसर रंगों, कल्पनाओं और सृजनात्मक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। प्री-नर्सरी से कक्षा बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न कला प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक क्षमता, सौंदर्यबोध एवं कलात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सात विभिन्न कला विधाओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

प्री-नर्सरी से कक्षा पहली तक के विद्यार्थियों के लिए ‘कलर द गिवेन ड्रॉइंग’ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें नन्हे कलाकारों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया। कक्षा दूसरी एवं तीसरी के विद्यार्थियों ने ऑन द स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की, जबकि कक्षा चौथी एवं पांचवीं के विद्यार्थियों ने कोलाज मेकिंग प्रतियोगिता में आकर्षक कलाकृतियाँ तैयार कीं। कक्षा षष्ठ से आठवीं के विद्यार्थियों के लिए ‘सूपा पेंटिंग’ प्रतियोगिता का विषय ‘पर्व-त्योहार’ रखा गया, जिसमें भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। इसी समूह के विद्यार्थियों ने ‘विश्व शांति’ विषय पर रंगोली प्रतियोगिता में रंगों और आकृतियों के माध्यम से शांति, सद्भाव और वैश्विक एकता का संदेश दिया। कक्षा नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए ‘विश्व शांति में भारत का योगदान’ विषय पर पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपने पोस्टरों में भारत की अहिंसा, सहिष्णुता, योग, संस्कृति एवं विश्व बंधुत्व की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त इकेबाना (फ्लॉवर अरेंजमेंट) प्रतियोगिता में प्रत्येक सदन की तीन-तीन सदस्यीय टीमों ने प्राकृतिक फूलों एवं पत्तियों की सहायता से आकर्षक एवं कलात्मक पुष्प-सज्जा तैयार कर अपनी सौंदर्यपरक दृष्टि और रचनात्मक कौशल का परिचय दिया।

 

प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन सुनील मोदी (कला विशेषज्ञ), सुमन वर्मा (कला विशेषज्ञ) एवं रणजीत कुमार (कला विशेषज्ञ) ने विद्यार्थियों की मौलिकता, विषय की प्रस्तुति, रंग-संयोजन एवं कलात्मक अभिव्यक्ति के आधार पर निर्णय दिया ।

आज अपने प्रेषित संदेश में विद्यालय के प्रो वाइस चेयरमैन श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कला और संस्कृति विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, अनुशासन, सहयोग तथा रचनात्मक सोच का विकास करती हैं, जो उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका /प्राचार्या डॉ. मनीषा तिवारी ने कहा कि चार दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। ‘आकार आर्ट फेस्टिवल’ केवल कला का उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, सृजनात्मकता और प्रतिभा को अभिव्यक्त करने का एक प्रेरणादायक मंच है। कला हमें संवेदनशील बनाती है, नए दृष्टिकोण प्रदान करती है और आत्मविश्वास के साथ अपनी अभिव्यक्ति करना सिखाती है । मुझे प्रसन्नता है कि हमारे विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, समर्पण और आत्मविश्वास के साथ इस आयोजन में भाग लेकर यह सिद्ध किया है कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और सामाजिक संवेदनशीलता का भी आधार है।

इस अवसर पर उपस्थित डी. एस. मेमोरियल सोसाइटी, चास के सचिव श्री सुरेश अग्रवाल ने विद्यालय में आयोजित इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं कलात्मक आयोजन के लिए प्रतिभागियों एवं शिक्षकों को बधाई दी।

चार दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के सफल समापन के साथ विद्यालय में उत्साह, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कला विभाग, सभी सदन प्रभारियों एवं शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही।

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