रांची: झारखंड के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में सहायक आचार्यों की नियुक्ति की राह देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (विज्ञापन संख्या 13/2023) के अंतर्गत संशोधित अतिरिक्त परीक्षाफल के आधार पर जिला स्तरीय काउंसलिंग, प्रमाण पत्र सत्यापन और पदस्थापन को लेकर समेकित पूरक दिशा-निर्देश और विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने सभी उपायुक्तों और जिला शिक्षा स्थापना समितियों को पत्र भेजकर तय समय-सीमा के भीतर समूची प्रक्रिया पूरी करने का कड़ा निर्देश दिया है।
यह पूरी कवायद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दायर अवमानना याचिका संख्या 43106/2025 में पारित न्यायादेश के अनुपालन में की जा रही है। आयोग (JSSC) ने स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 6 से 8) के भाषा शिक्षक का संशोधित परिणाम जारी किया है, जबकि गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 1 से 5) का संशोधित परिणाम एवं नव अनुशंसित अभ्यर्थियों के फोल्डर भी जिलों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
किस अभ्यर्थी के लिए क्या हैं नियम?
- जिनके जिले व कोटि में बदलाव नहीं: ऐसे अभ्यर्थी जिनका नाम पूर्व और संशोधित दोनों परीक्षाफलों में है तथा उनकी कोटि व आवंटित जिला अपरिवर्तित हैं, उन्हें दोबारा काउंसलिंग कराने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, काउंसलिंग पंजी में उनका नाम क्रमानुसार दर्ज रहेगा।
- कोटि में बदलाव वाले अभ्यर्थी: जिनका चयन पूर्व में अनारक्षित था और अब आरक्षित कोटि में हुआ है, उन्हें अपने कोटि संबंधी प्रमाण पत्रों का पुनः सत्यापन नए अभ्यर्थियों के साथ कराना होगा।
- पहली बार चयनित अभ्यर्थी: जिनका नाम पहली बार संशोधित अतिरिक्त परीक्षाफल में आया है, उनकी काउंसलिंग जारी नई SOP के अनुसार निर्धारित समय में पूरी की जाएगी।
- जिला परिवर्तन वाले अभ्यर्थी: जिनका जिला बदल गया है, उनके पूर्व के मूल फोल्डर की छायाप्रति संबंधित जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में संधारित की जाएगी और उनके पदस्थापन व विरमन के संबंध में अलग से दिशा-निर्देश जारी होंगे।
काउंसलिंग और पदस्थापन की सख्त समय-सारणी
- काउंसलिंग से पूर्व तैयारी (अधिकतम 02 दिन): जिलों को फोल्डर और सूची मिलने के अधिकतम 2 कार्य दिवसों के भीतर चयनितों की सूची, आवश्यक सूचना व प्रपत्र जिले की आधिकारिक एनआईसी वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे तथा प्रमुख समाचार पत्रों में इसका प्रकाशन कराना होगा। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को फोन, एसएमएस या ईमेल से व्यक्तिगत सूचना दी जाएगी।
- हेल्पलाइन व नोडल अधिकारी (अधिकतम 01 दिन): 24 घंटे के भीतर अपर जिला दण्डाधिकारी (ADM) स्तर के नोडल पदाधिकारी नामित होंगे और अभ्यर्थियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर व 2 कर्मियों वाला हेल्प डेस्क प्रकोष्ठ सक्रिय किया जाएगा।
- आपत्तियों का त्वरित निपटारा (अधिकतम 02 दिन): प्रमाण पत्रों के मिलान के दौरान सामने आने वाली किसी भी प्रकार की आपत्ति का निराकरण काउंसलिंग प्रक्रिया खत्म होने के 2 कार्य दिवसों के अंदर नोडल पदाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किया जाएगा।
- नियुक्ति पत्र वितरण (अधिकतम 03 दिन): काउंसलिंग प्रक्रिया के सफल समापन के बाद अधिकतम 3 कार्य दिवसों के अंदर जिला शिक्षा स्थापना समिति की अनुशंसा पर नियुक्ति पत्र वितरित कर जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में योगदान कराया जाएगा।
- स्कूलों में पदस्थापन (अधिकतम 15 दिन): योगदान की तिथि से अधिकतम 15 कार्य दिवसों के भीतर नवनियुक्त शिक्षकों का संबंधित विद्यालयों में पदस्थापन कर दिया जाएगा और उनका डेटा eVV/UDISE पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड होगा।
पुख्ता पारदर्शिता: वीडियोग्राफी और दैनिक खैरियत प्रतिवेदन
दस्तावेजों के मिलान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रत्येक जांच दल में कम से कम तीन अनुभवी पदाधिकारी व कर्मी रहेंगे, जिनके विरुद्ध कोई पूर्व अनुशासनात्मक कार्रवाई न हो। पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके अलावा, प्रतिदिन शाम 6 बजे तक जिले को काउंसलिंग की अद्यतन स्थिति से संबंधित निर्धारित प्रारूप में ‘खैरियत प्रतिवेदन’ विभागीय ईमेल पर भेजना अनिवार्य किया गया है।






