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पढ़ाई का दबाव, घर में तनाव और खेल से दूरी… बच्चों को घेर रहा अवसाद

आज के दौर में केवल बड़े ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे और किशोर भी तेजी से अवसाद (डिफ्रेशन) का शिकार हो रहे हैं। आइए जानते हैं बच्चों में तनाव और अवसाद बढ़ने के मुख्य कारण।

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Lifestyle Adda: भागदौड़ भरी इस जिंदगी में आजकल बड़े ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे भी अवसाद का शिकार हो रहे हैं। कई बार तनाव कुछ समय के लिए रहता है, लेकिन जब यह लंबे समय तक बना रहे तो एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है। यही वजह है कि आजकल बच्चों और किशोरों में आत्महत्या और मानसिक असंतुलन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि वे कौन-सी वजहें हैं जो बच्चों को अवसाद की तरफ धकेल रही हैं।

अत्यधिक पढ़ाई और प्रतिस्पर्धा का दबाव

आज की इस गला-काट प्रतिस्पर्धा और भागदौड़ के कारण छोटे-छोटे बच्चे भी तनाव या चिंता से ग्रस्त हो जाते हैं। स्कूल की लंबी पढ़ाई के बाद ट्यूशन जाना और पूरा दिन सिर्फ किताबों में लगे रहने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक तंत्र कमजोर होने लगता है। हर वक्त चिंता में रहने के कारण शरीर में लगातार कोर्टिसोल हार्मोन का निर्माण होता है, जो बच्चों को धीरे-धीरे अवसाद की ओर ले जाता है।

खेलकूद की कमी और शारीरिक सक्रियता का अभाव

घर के अंदर बंद रहना, हर वक्त टीवी या मोबाइल स्क्रीन से चिपके रहने के कारण बच्चे कुछ नया और रचनात्मक नहीं सीख पाते। यही वजह है कि जब भी उनके सामने जीवन की कोई छोटी सी भी समस्या आती है, तो वे उसे सुलझा नहीं पाते और अत्यधिक चिंता करने लगते हैं। बाल मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि खेलकूद बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि खेल के मैदान में वे दबाव से निपटना सीखते हैं।

पारिवारिक तनाव और कलह

माता-पिता को हमेशा आपस में लड़ते-झगड़ते देखना बच्चों के कोमल मन पर बहुत गहरा बुरा असर डालता है। अपने अभिभावकों को अलग होते हुए देखना और टूटते हुए परिवार को सहना बच्चों को अंदर से तोड़ देता है, जिससे वे आसानी से अवसाद के शिकार हो जाते हैं।

खानपान में शुगर (चीनी) का अत्यधिक इस्तेमाल

बच्चों की खान-पान की गलत आदतें भी उन्हें मानसिक बीमारियों की तरफ धकेल रही हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, भोजन में शुगर की अत्यधिक मात्रा का सीधा संबंध अवसाद और सिजोफ्रेनिया जैसी समस्याओं से है। यह हमारे दिमाग के विकास से जुड़े हार्मोन्स को भी बुरी तरह प्रभावित करती है।

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