Patna: पंचायती राज विभाग की कार्यप्रणाली और प्रस्तावित योजनाओं की जमीनी हकीकत को बेहतर बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभाग के सचिव मनोज कुमार ने विभिन्न विकास कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान सीएम ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत जलमीनारों पर सोलर पैनल अधिष्ठापन, वित्तीय प्रबंधन, और ऊर्जा बचत से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
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पंचायत सरकार भवनों के निर्माण और रखरखाव पर जोर
समीक्षा के दौरान सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और इनके बेहतर रखरखाव की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन संवेदकों (ठेकेदारों) द्वारा इन भवनों का निर्माण किया जा रहा है, उन्हें ही इसके मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके लिए संवेदकों की जवाबदेही तय करते हुए एक प्रभावी तंत्र तैयार किया जाए। इसके अलावा, पंचायत सरकार भवनों के सोलराइजेशन को निर्माण के शुरुआती एस्टीमेट में ही शामिल करने का निर्देश दिया गया ताकि काम समय पर और सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
जनप्रतिनिधियों को मिले बिजली आपूर्ति की जानकारी
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सीएम ने निर्देश दिया कि पंचायतों में बिजली आपूर्ति की स्थिति की नियमित जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए एक समर्पित टीम का गठन किया जाए, जो पंचायत के मुखिया, विधायक और सांसद सहित सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर पर उनके क्षेत्र में प्रतिदिन होने वाली बिजली आपूर्ति के घंटों की जानकारी भेज सके।
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जलमीनारों पर बढ़ाई जाएगी सोलर पैनल की क्षमता
सीएम ने जलमीनारों पर लगने वाले सोलर पैनल की क्षमता में बड़ा इजाफा करने का निर्देश दिया है। प्रस्तावित 5 किलोवाट की जगह अब 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएंगे, ताकि स्थानीय लोगों को इस व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इस पूरी व्यवस्था के रखरखाव, अनुश्रवण और वित्तीय प्रबंधन के लिए भी प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो सके।







