रांची: पुलिस ने मांडर थाना क्षेत्र के मलटोटी गांव में चल रहे एक बड़े अवैध नकली विदेशी शराब सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। एक निर्माणाधीन मकान में छापेमारी कर पुलिस ने नकली शराब बनाते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। मौके से 2800 से अधिक बोतलों में भरी नकली विदेशी शराब, सैकड़ों लीटर तैयार शराब, खाली बोतलें, नामी ब्रांड्स के ढक्कन, नकली क्यूआर कोड और गाड़ियाँ जब्त की गई हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को गुप्त सूचना मिली थी कि मांडर के मलटोटी गांव स्थित एक सुनसान निर्माणाधीन मकान में बड़े पैमाने पर अवैध अंग्रेजी शराब बनाई और बेची जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए नगर एवं ग्रामीण एसपी के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) निखिल राय और डीएसपी (मुख्यालय द्वितीय) अजय आर्यन के नेतृत्व में कई थानों की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी कर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करते हुए छापेमारी शुरू की। मकान के बड़े हॉल में पांच लोग अलग-अलग ब्रांड्स की शराब तैयार करने और बोतलों को सील करने में जुटे थे। अचानक पुलिस को सामने देख आरोपियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन घेराबंदी के कारण वे भागने में विफल रहे।
पकड़े गए आरोपियों में प्रत्युष शाहदेव (रांची), कुन्दन कुमार व राकेश कुमार (औरंगाबाद, बिहार), संजय सिंह (धनबाद) और विष्णु कुमार (मुंगेर, बिहार) शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पिछले एक महीने से यहाँ अवैध शराब तैयार कर रहे थे और माँग के अनुसार इसे बिहार, उत्तर प्रदेश तथा झारखंड के विभिन्न जिलों में खपाते थे।
भारी मात्रा में तैयार शराब और उपकरण बरामद
छापेमारी स्थल से ओल्ड मोंक (750 एमएल) की 2,040 बोतलें, रॉयल मेंशन (750 एमएल) की 840 बोतलें और रॉयल चैलेंज (180 एमएल) की 14 बोतलें भरी हुई मिलीं। इसके अलावा 200 लीटर क्षमता वाली सिंटेक्स टंकी में भरी शराब, 25 लीटर का जार, 65 किलोग्राम कास्टिक कैरेमल (रंग और फ्लेवर के लिए), 2,000 खाली बोतलें, 1,000 पीस ब्रांडेड ढक्कन, बोतल सीलिंग मशीन, 4 टुल्लू पंप और होंडा जनरेटर बरामद किए गए। तस्करों की एक महिंद्रा एसयूवी, पिकअप टेंपो, पल्सर बाइक और 6 मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।
इस संबंध में मांडर थाने में कांड संख्या 115/2026 के तहत बीएनएस की गंभीर धाराओं, उत्पाद अधिनियम, कॉपीराइट एक्ट और ट्रेडमार्क एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और सप्लायरों की पड़ताल में जुटी है।






