Patna: प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को सुचारू बनाने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के छह डिविजनों में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तेजी से तैयार किया जा रहा है। निगम के पांच डिविजन (पटना, गयाजी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भागलपुर) में निर्माण कार्य इस माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर पूर्णिया डिविजन में चार्जिंग स्टेशन की सुविधा शुरू हो चुकी है।
पंद्रह नवंबर तक पटना और गया में पूरा होगा काम
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि पटना के फुलवारीशरीफ और गयाजी बस डिपो पर चार्जिंग स्टेशन का निर्माण पंद्रह नवंबर तक पूरा हो जाएगा। पटना में पहले से एक चार्जिंग स्टेशन कार्यरत है, जबकि बैरिया बस स्टैंड पर भी एक नया ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में भी निर्माण कार्य माह के अंत तक पूरा होने की पूरी संभावना है।
चार सौ इलेक्ट्रिक बसों का मिलना तय
मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत बिहार को कुल चार सौ इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं। इनमें से बहत्तर बसें मिल चुकी हैं, जिनका परिचालन फिलहाल राजधानी पटना के विभिन्न मार्गों पर किया जा रहा है। अन्य जिलों में सेवाओं के विस्तार के लिए प्रत्येक डिविजन के डिपो में पचास ई-बसों की क्षमता के अनुरूप आठ-आठ चार्जिंग पॉइंट लगाए जा रहे हैं। इन अत्याधुनिक चार्जिंग पॉइंट पर एक बस लगभग डेढ़ घंटे में पूरी तरह चार्ज हो सकेगी।
पर्यावरण अनुकूल और आरामदायक यात्रा
उन्होंने आगे कहा कि ई-बस योजना राज्य में सार्वजनिक परिवहन को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। चार्जिंग नेटवर्क का काम पूरा होने के बाद इन ई-बसों का विस्तार आसपास के जिलों एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा। इससे आम यात्रियों को कम किराए में अधिक आरामदायक और प्रदूषण मुक्त सफर का लाभ मिल सकेगा।






