New Delhi: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को इंडिया (INDIA) गठबंधन की एक विशाल महारैली का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर से जुटे विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) समेत गठबंधन के कई प्रमुख घटक दलों के नेताओं ने इस मंच से देश में लोकतंत्र की रक्षा, मताधिकार की स्वतंत्रता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। इसके अलावा, चुनाव आयोग से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर भी तीखी आवाजें बुलंद की गईं।
विपक्षी नेताओं के तीखे प्रहार और बयान
रैली को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देश का प्रधानमंत्री यहां की जनता चुनती है। उन्होंने कहा कि इस रैली के माध्यम से इंडिया गठबंधन ने यह दिखाने का प्रयास किया है कि देश के आम नागरिक और कार्यकर्ता क्या चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक दिन की रैली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में भी इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने भाजपा के विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि इस देश की धरती और संविधान पर सबका बराबर का अधिकार है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए वोट के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा करना है।
टीएमसी सांसदों के कड़े तेवर
महारैली के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने सरकार को ‘मोदी-शाह-ज्ञानेश गठबंधन’ करार देते हुए तीखी टिप्पणी की और कहा कि सरकार तथा विपक्ष को जनता की आवाज सुननी ही होगी। वहीं, पार्टी के दूसरे सांसद सौगत रॉय ने कहा कि देश भर से लोग चुनाव अधिकारियों को पद से हटाने की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं।
लोकतंत्र और मताधिकार की सुरक्षा का संकल्प
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी ने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीकों से जनता को न्याय दिलाने और अपनी बात मनवाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इस दौरान रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने भी चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की।







