रांची: झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 1 नवंबर को आयोजित की जाएगी। परीक्षा की सभी तैयारियां झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने पूरी कर ली हैं। राज्यभर में इसके लिए 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 5.65 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए जैक ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जैक अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर परीक्षा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
नकल करने पर होगी सख्त कार्रवाई
परीक्षा में नकल करते या किसी दूसरे को नकल कराते पकड़े जाने पर अभ्यर्थी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जुर्माना नहीं भरने पर नौ महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है।
गड़बड़ी करने वालों पर भारी जुर्माना
परीक्षा से जुड़े किसी भी काम में धोखाधड़ी या गड़बड़ी करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इसमें प्रिंटिंग प्रेस, परिवहन से जुड़ी एजेंसियां और कोचिंग संस्थान भी शामिल हैं।
ऐसी गड़बड़ी में शामिल लोगों या संस्थाओं पर दो करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जैक ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं।
- परीक्षा हॉल में जाने से पहले सभी अभ्यर्थियों की जांच होगी।
- मोबाइल फोन, कैलकुलेटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर रोक रहेगी।
- किसी भी तरह के नोट्स या पर्चे परीक्षा केंद्र में नहीं ले जा सकेंगे।
- महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए महिला सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगी।
- परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद रहेगा।
- केंद्र के अंदर और बाहर सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी करेंगे।
जैक ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से परीक्षा के दिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने को कहा है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।






