खूंटी: लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर खूंटी शहर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने शहर के प्रमुख छठ घाटों की साफ-सफाई शुरू करा दी है। इसके तहत राजा तालाब, चौधरी तालाब और साहू तालाब समेत अन्य घाटों की सफाई की जा रही है।
छठ महापर्व नजदीक आने के साथ ही घाटों को व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी भी तेज हो रही है।
13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा छठ महापर्व
इस वर्ष चार दिवसीय छठ महापर्व 13 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालु भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा-अर्चना करेंगे। व्रती शाम को अस्ताचलगामी सूर्य और अगले दिन सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे।
छठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु तालाबों और जलाशयों के किनारे पहुंचते हैं। ऐसे में घाटों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
प्रमुख तालाबों की सफाई पर विशेष ध्यान
खूंटी के राजा तालाब, चौधरी तालाब और साहू तालाब प्रमुख छठ घाटों में शामिल हैं। प्रशासन की ओर से इन स्थानों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके साथ ही घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की सफाई, कचरे का उचित निस्तारण और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने की जरूरत है, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान परेशानी न हो।
छठ पूजा में स्वच्छता का विशेष महत्व
छठ महापर्व में साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष महत्व होता है। व्रती कठिन नियमों का पालन करते हुए भगवान सूर्य की आराधना करते हैं। खरना के बाद निर्जला व्रत रखा जाता है। इसके बाद शाम को डूबते सूर्य और अगली सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्था जरूरी है। प्रशासन की ओर से शुरू की गई तैयारियों से छठ व्रतियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।






