चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। किरीबुरु क्षेत्र के बहदा गांव के पास जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए दो शक्तिशाली IED बरामद किए गए हैं। दोनों विस्फोटकों को बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, सीआरपीएफ की 193वीं बटालियन और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम जंगल में सर्च अभियान चला रही थी। इसी दौरान जवानों को कोयना नदी के किनारे एक पगडंडी के पास संदिग्ध जगह दिखाई दी। तलाशी लेने पर जमीन के नीचे दो शक्तिशाली लैंडमाइन मिले। इसके बाद तत्काल बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया और दोनों विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया गया।
नक्सलियों के खिलाफ अभियान के बीच मिली सफलता
जिस इलाके में ये विस्फोटक मिले हैं, वह कुछ महीने पहले हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ स्थल से करीब दो से तीन किलोमीटर दूर है। उस मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली अनल दा और 50 लाख रुपये के इनामी अनमोल दा समेत 17 नक्सली मारे गए थे।
इस इलाके में IED की बरामदगी को सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
ग्रामीणों के लिए भी बड़ा खतरा थे विस्फोटक
जंगल के रास्ते में छिपाकर रखे गए ये विस्फोटक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते थे। इस रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीणों, मवेशियों और जंगली जानवरों की जान को भी खतरा था। समय रहते जवानों ने इनका पता लगाकर संभावित दुर्घटना को टाल दिया।
फिलहाल सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों का सर्च अभियान जारी है। पुलिस और सीआरपीएफ की टीमें नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए इलाके में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।




