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SIM बाइंडिंग नियम होगा लागू! बिना SIM के WhatsApp-Telegram पर लगेगा ब्रेक!

देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग 1 जनवरी से सिम-बाइंडिंग नियम लागू करने जा रहा है, जिसके तहत व्हाट्सएप और टेलीग्राम चलाने के लिए फोन में पंजीकृत सिम कार्ड का होना अनिवार्य होगा।

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New Delhi: देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार का दूरसंचार विभाग सिम-बाइंडिंग नियम लागू करने जा रहा है। इस नए नियम के लागू होने के बाद बगैर सिम कार्ड के व्हाट्सएप और टेलीग्राम नहीं चलेंगे। यह नया नियम आगामी 1 जनवरी से लागू होने जा रहा है।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्रमुख ऐप-आधारित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स का उपयोग जारी रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को अपने पंजीकृत सिम कार्ड को उसी डिवाइस में मौजूद रखना अनिवार्य होगा। दूरसंचार विभाग ने सभी संचार ऐप सेवा प्रदाताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे उपयोगकर्ता खातों को उनके नो-योर-कस्टमर (KYC) द्वारा सत्यापित सिम कार्ड से अनिवार्य रूप से जोड़ें। कंपनियों को इन नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक की अंतिम समय सीमा प्रदान की गई है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत मोबाइल नंबर और मैसेजिंग खातों के बीच के संबंध को मजबूत करना है, ताकि फर्जी नंबरों या बिना सिम कार्ड वाले उपकरणों के माध्यम से होने वाली ठगी पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

उपयोगकर्ताओं पर क्या पड़ेगा प्रभाव?

इस नए सुरक्षा नियम का सीधा प्रभाव उन एंड्रॉयड और आईफोन उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा जो अपने प्राथमिक पंजीकृत सिम कार्ड को फोन में डाले बिना केवल वाई-फाई इंटरनेट के माध्यम से व्हाट्सएप या टेलीग्राम चला रहे हैं। इसके अतिरिक्त, जो लोग एक ही मैसेजिंग अकाउंट को कई सेकेंडरी डिवाइसों पर एक्सेस करते हैं, अक्सर विदेशों की यात्रा करते हैं, या दूसरे फोन में बिना सिम कार्ड के मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब नए सत्यापन नियमों के कारण लॉगइन करने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सरकार के इस फैसले का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि कोई ऐप किसी विशेष स्मार्टफोन मॉडल पर चलना बंद हो जाएगा। मुख्य शर्त केवल यह है कि ऐप वाले डिवाइस में पंजीकृत सिम कार्ड का मौजूद होना आवश्यक है।

इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एप्पल ने सितंबर महीने में अपने आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए एक नया अपडेट भी पेश किया था, जिससे आईफोन में सिम कार्ड की अनुपस्थिति को आसानी से डिटेक्ट किया जा सके।

ऑटो-लॉगआउट नियम में मिली राहत

दूरसंचार विभाग ने इस नए नियम में उपयोगकर्ताओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए एक बड़ी राहत भी दी है। पूर्व में जारी किए गए प्रस्ताव के तहत व्हाट्सएप वेब यूजर्स के सत्रों को हर 6 घंटे में स्वचालित रूप से लॉगआउट करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन अब सरकार ने अपने इस 6 घंटे वाले ऑटो-लॉगआउट नियम के प्रस्ताव को पूरी तरह से वापस ले लिया है। नए संशोधित दिशानिर्देशों के तहत अब केवल संदिग्ध या धोखाधड़ी के जोखिम वाले मामलों में ही सेवा को तुरंत समाप्त किया जाएगा या जोखिम-आधारित लॉगआउट लागू होगा। यह सिम-बाइंडिंग नियम मुख्य रूप से व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसी लोकप्रिय मैसेजिंग सेवाओं पर प्रभावी रूप से लागू होगा।

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