Lucknow: उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग और अनुशासनहीनता के खिलाफ प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। हाल ही में गोरखपुर और जालौन के दो प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग के मामलों पर कड़ा एक्शन लेते हुए कुल 35 छात्रों पर भारी जुर्माना लगाया गया है और उन्हें निलंबित भी किया गया है।
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले में कड़ा कदम उठाते हुए 18 छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें एमबीबीएस के 16 छात्र और दो इंटर्न शामिल हैं। सभी आरोपी छात्रों को एक-एक हफ्ते और इंटर्न को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, राजेंद्र हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे तोड़ने वाले दो छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है।
यह मामला अक्टूबर के पहले हफ्ते में तब सामने आया था जब राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के एंटी रैगिंग सेल में शिकायत दर्ज कराई गई थी। कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में परिजनों को साक्ष्य दिखाने के बाद यह कार्रवाई की गई। प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इंटर्नशिप कर रहे दोषी छात्रों को एक महीने की अतिरिक्त ट्रेनिंग ट्रॉमा सेंटर के सर्जरी विभाग में करनी होगी। इसके अलावा, महिला छात्रावास के गेट पर गार्ड से हाथापाई करने वाले एक इंटर्न पर 25 हजार और देर रात हॉस्टल पहुंचने वाली सात छात्राओं पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जालौन राजकीय मेडिकल कॉलेज में 17 छात्र निलंबित
उधर, राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में भी रैगिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। जूनियर छात्रों से रैगिंग का वीडियो वायरल होने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट पर कुल 17 एमबीबीएस छात्रों को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है और प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान इन छात्रों के क्लास अटेंड करने, हॉस्टल में रहने और क्लीनिकल ड्यूटी पर पूरी तरह रोक रहेगी।





