रांची: झारखंड में महिलाओं के सशक्तीकरण, बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और कुपोषण जैसी जमीनी चुनौतियों से निपटने की दिशा में राज्य सरकार ने एक दूरगामी और कल्याणकारी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन संचालित शीर्ष स्वायत्त संस्थान ‘राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान’ (NIPCCD) के नए क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हेतु निःशुल्क भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है। सरकार के इस कदम से राज्य में महिला एवं बाल विकास से जुड़े अभियानों को नई ऊर्जा और संस्थागत ढांचा मिलेगा।
क्या है NIPCCD और क्यों अहम है यह फैसला?
राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (NIPCCD) देश का एक प्रमुख संस्थान है, जो बाल विकास, मातृ एवं शिशु पोषण, महिलाओं के कानूनी अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में क्षमता निर्माण, अनुसंधान और प्रशिक्षण का काम करता है।
अब तक राज्य के कर्मियों और अधिकारियों को उच्च स्तरीय विशेषज्ञ प्रशिक्षण के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय या दूसरे राज्यों के केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। झारखंड में इस संस्थान का अपना क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र खुलने से स्थानीय सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों और जनजातीय अंचलों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा सकेंगे।
जमीनी कार्यकर्ताओं और योजनाओं को मिलेगी मजबूती
इस केंद्र के स्थापित होने से सबसे बड़ा लाभ जमीनी स्तर पर सेवा दे रहे अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को मिलेगा:
- आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाएं: बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, प्री-स्कूल शिक्षा (ECCE) और संतुलित पोषण प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों का उच्च गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगी।
- प्रशासनिक दक्षता: बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिका (लेडी सुपरवाइजर) और जिला बाल संरक्षण इकाइयों (DCPU) के पदाधिकारियों को आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रबंधन से लैस किया जा सकेगा।
- प्रमुख योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं—जैसे मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य—को धरातल पर सटीक रूप से लागू करने में यह केंद्र रीढ़ की हड्डी साबित होगा।
सामाजिक विकास का नया केंद्र बनेगा झारखंड
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उन्हें लागू करने वाले मानव संसाधन का दक्ष और संवेदनशील होना अनिवार्य है। NIPCCD का यह नया केंद्र स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs), सिविल सोसाइटी और सरकारी तंत्र के बीच तालमेल बढ़ाने का भी मुख्य मंच बनेगा। निःशुल्क भूमि आवंटन के इस फैसले से केंद्र सरकार द्वारा भवन निर्माण और अत्याधुनिक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जो आने वाले वर्षों में राज्य के बच्चों और महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करेगा।
NIPCCD क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, झारखंड कैबिनेट निःशुल्क भूमि हस्तांतरण, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय झारखंड, आंगनवाड़ी प्रशिक्षण केंद्र रांची, राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान, NIPCCD Regional Training Centre Jharkhand, Free land transfer Jharkhand Cabinet, Women and Child Development Ministry Jharkhand, Anganwadi training centre Ranchi, NIPCCD regional centre approval





