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झारखंड ट्रेजरी कोड नियम में संशोधन के प्रस्ताव पर मुहर, वित्तीय प्रबंधन और भुगतान प्रणाली में सुधार

वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने की पहल, झारखण्ड कोषागार संहिता, 2016 के नियम 131 में संशोधन

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रांची: झारखंड में राजकोषीय प्रबंधन को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘झारखण्ड कोषागार संहिता, 2016’ (Jharkhand Treasury Code, 2016) के नियम 131 में संशोधन के प्रस्ताव को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य राज्य के कोषागारों के माध्यम से होने वाले वित्तीय लेन-देन, बिलों की निकासी और लेखांकन की प्रक्रियाओं को वर्तमान प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक बनाना है।

क्यों अहम है कोषागार संहिता में यह बदलाव?

झारखंड कोषागार संहिता राज्य सरकार के वित्तीय प्रशासन की मूल आधारशिला है। सरकारी खजाने में राजस्व के संग्रहण, संरक्षण, संवितरण और निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDOs) द्वारा बिल प्रस्तुत करने से लेकर भुगतान की पूरी प्रक्रिया इसी संहिता के नियमों के तहत संचालित होती है।
बदलते दौर में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन भुगतान (e-Payment), सीएफएमएस (Comprehensive Financial Management System) और डिजिटल ट्रेजरी के बढ़ते उपयोग के कारण कई पुराने नियमों में व्यावहारिक सुधार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नियम 131 में किए गए इस संशोधन से कोषागार स्तर पर निकासी, सत्यापन और लेखा मिलान की जटिल औपचारिकताओं में सरलीकरण आएगा, जिससे विभिन्न विभागों के वित्तीय दावों और बिलों का निस्तारण बिना किसी अनावश्यक विलंब के त्वरित रूप से हो सकेगा।

विकास योजनाओं की गति और निगरानी होगी तेज

प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक तकनीकी अड़चनों के कारण कई बार विकास योजनाओं के लिए आवंटित राशि की निकासी में देरी हो जाती है, जिसका असर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर पड़ता है। कोषागार संहिता के नियम में यह संशोधन वित्तीय अनुशासन को मजबूत बनाए रखते हुए प्रक्रियाओं को लचीला और पारदर्शी बनाएगा। इससे जहां एक तरफ सार्वजनिक धन के व्यय में सुचिता और ऑडिट निगरानी सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी तरफ सरकारी योजनाओं, ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और कर्मचारियों से जुड़े भुगतान अधिक सुगमता से संपन्न हो सकेंगे।

कैबिनेट बैठक में लिए गए कई वित्तीय और प्रशासनिक निर्णय

प्रोजेक्ट भवन में आयोजित इस कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास से जुड़े कुल 62 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। वित्त विभाग से जुड़े इस प्रस्ताव के अलावा मंत्रिपरिषद ने विधानसभा के विशेष सत्र के आयोजन, कर्मचारियों के कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित कई दूरगामी फैसले लिए।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि कोषागार नियमों का यह अद्यतनीकरण वित्तीय वर्ष के दौरान बजट प्रबंधन, वित्तीय जवाबदेही और राज्य की राजकोषीय साख को सुदृढ़ करने में एक प्रभावी कदम साबित होगा।
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