रांची : जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता (31) का शव रांची के अनगड़ा इलाके के जंगल में मिलने की खबर है। देवपालिक सोमवार, 26 अक्टूबर को जनशताब्दी एक्सप्रेस से रांची से पटना जा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गए थे। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी पता नहीं चल सका है।
पैंट्री कार की ओर जाने के बाद नहीं लौटे
जानकारी के मुताबिक, देवपालिक अपने साथियों के साथ जनशताब्दी एक्सप्रेस (12366) के C-2 कोच में सफर कर रहे थे। उनकी सीट संख्या 50 थी।
साथियों का कहना है कि दोपहर करीब तीन बजे वह खाना मंगाने के लिए पैंट्री कार की ओर गए थे। काफी देर तक सीट पर नहीं लौटने पर उनकी तलाश शुरू की गई। मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद मिला।
इसके बाद ट्रेन के टीटी और आरपीएफ जवानों को सूचना दी गई। पूरी ट्रेन और मुरी स्टेशन पर खोजबीन की गई, लेकिन देवपालिक का पता नहीं चला।
शिकायत दर्ज कराने में देरी का आरोप
देवपालिक के साथियों ने रेलवे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना की जानकारी देने के बावजूद शिकायत दर्ज करने में कई घंटे लग गए।
साथियों के अनुसार, आरपीएफ और जीआरपी के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर मामला उलझा रहा। घटना दोपहर करीब तीन बजे की थी, लेकिन एफआईआर रात करीब नौ बजे दर्ज हुई। उन्होंने समय पर तलाशी अभियान नहीं चलाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है।
अनगड़ा और बरवादाग इलाके में मिला शव
मंगलवार, 27 अक्टूबर को अनगड़ा और बरवादाग इलाके के जंगल और झाड़ियों में एक शव मिलने की सूचना सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इसकी पहचान देवपालिक गुप्ता के रूप में हुई है।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले देवपालिक ने दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पढ़ाई की थी। वह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में डिजिटल कम्युनिकेशन का काम संभाल रहे थे।
फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि देवपालिक ट्रेन से कैसे लापता हुए और उनकी मौत कैसे हुई।




