New Delhi: दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में करीब 15 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच सहमति बन गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जारी निलंबन और शो-कॉज नोटिस वापस लेने तथा छात्र संघ चुनाव कराने पर सहमति जताई है। रजिस्ट्रार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराए जाएंगे।
निलंबन और शो-कॉज नोटिस वापस लेने का फैसला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आंदोलन के दौरान छात्रों को जारी किए गए निलंबन और कारण बताओ नोटिस रद्द कर दिए गए हैं। इससे प्रदर्शन में शामिल छात्रों को राहत मिली है।
इसके अलावा, विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की ओर से की गई कार्रवाई की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने का भी निर्णय लिया गया है। इस जांच से संबंधित घटनाओं की समीक्षा की जाएगी।
15 दिनों से छात्र संघ चुनाव की मांग कर रहे थे विद्यार्थी
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पिछले 15 दिनों से छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में छात्र संघ चुनाव कराना शामिल था। छात्र निर्वाचित छात्र संघ को फिर से बहाल करने की मांग उठा रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्ष 2006 में छात्र संघ को भंग कर दिया था।
लगातार जारी आंदोलन के बाद प्रशासन ने छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराने पर सहमति जताई है। हालांकि, चुनाव की सटीक तारीख संविधान को मंजूरी मिलने के बाद ही स्पष्ट होगी।
छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त करने पर दी सहमति
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी तीन मांगों को लिखित रूप में विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखा था। उन्होंने कहा था कि मांगें स्वीकार किए जाने का आदेश मिलते ही विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया जाएगा। इस समझौते पर भूख हड़ताल करने वाले छात्रों और उनके प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शनकारी छात्र आंदोलन के दौरान प्रशासन के खिलाफ दिए गए कथित अपमानजनक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे। इसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और संबंधित पोस्ट सोशल मीडिया से हटाने की बात कही गई है।
समझौते की शर्तों के पालन पर रहेगी नजर
विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश के अनुसार, छात्रों की ओर से सार्वजनिक माफी और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने से संबंधित प्रतिबद्धताओं को रिकॉर्ड में लिया गया है। इन शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इस पर नजर रखी जा रही है। इस समझौते के बाद छात्र संघ चुनाव, निलंबन नोटिस और सुरक्षा कर्मचारियों की कार्रवाई की जांच जैसे मुद्दों पर आगे की प्रक्रिया विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसलों और तय शर्तों के पालन पर निर्भर करेगी।




