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12वां ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन आज से शुरू, 27 अक्टूबर को चीन को सौंपी जाएगी अध्यक्षता

भारत की मेजबानी में आज यानी सोमवार से 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हो रहा है। इसमें भाग लेने के लिए 21 देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। इनमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों
पीएम मोदी संस्कृत सुभाषित

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नई दिल्ली : भारत की मेजबानी में आज यानी सोमवार से 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हो रहा है। इसमें भाग लेने के लिए 21 देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। इनमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। सम्मेलन का आयोजन संसद भवन परिसर में किया जा रहा है।

सम्मेलन का उद्घाटन सुबह 10 बजे होगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उद्घाटन भाषण देंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों से आए संसद अध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे।

सम्मेलन में एआई और विकास जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा

इस बार सम्मेलन की थीम ‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना’ रखी गई है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय सहयोग और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर उच्चस्तरीय सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नई डिजिटल तकनीक, संसदीय संस्थाओं को मजबूत बनाने और सतत विकास जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधि आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी विचार करेंगे।

27 अक्टूबर को चीन को सौंपी जाएगी अध्यक्षता

सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के संसदीय प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें भी होंगी। इसके साथ ही 64 देशों के संसदीय मैत्री समूहों की बैठक आयोजित की जाएगी।

दो दिवसीय सम्मेलन का समापन 27 अक्टूबर को होगा। इस दौरान संयुक्त वक्तव्य को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समापन भाषण देंगे और ब्रिक्स संसदीय मंच की अध्यक्षता औपचारिक रूप से चीन को सौंप दी जाएगी।

ओम बिरला ने रूसी प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

सम्मेलन से पहले रविवार, 25 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूस के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इसका नेतृत्व रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन ने किया।

बैठक में भारत और रूस के बीच संसदीय सहयोग बढ़ाने, आतंकवाद से मिलकर लड़ने और वैश्विक शांति बनाए रखने पर चर्चा हुई। ओम बिरला ने आतंकवाद के खिलाफ भारत को रूस से मिल रहे समर्थन की सराहना की।

उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत दोस्ती रही है। दोनों देश 2027 में अपने राजनयिक संबंधों के 80 साल पूरे करेंगे।

व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी हुई चर्चा

बैठक में ओम बिरला ने भारत और रूस के बीच परमाणु ऊर्जा, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता के लिए रूस के समर्थन की भी सराहना की।

वहीं रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने व्यापार और निवेश में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया।

दोनों पक्षों ने संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर भी सहमति जताई।

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