रांची: राजधानी के नागरिकों को नगर निगम से जुड़ी नागरिक सुविधाओं और टैक्स भुगतान को सुगम, पारदर्शी और झंझटमुक्त बनाने की दिशा में रांची नगर निगम (राजस्व शाखा) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और जनहितकारी कदम उठाया है। नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले भवन मालिकों एवं करदाताओं को अब होल्डिंग टैक्स (गृहकर) जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने या लंबी कतारों में घंटों खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नगर निगम प्रशासन ने शहर के विभिन्न वार्डों में तैनात कर-संग्रहकर्ताओं (Tax Collectors) और राजस्व निरीक्षकों (Revenue Inspectors) की आधिकारिक सूची उनके मोबाइल नंबर और आवंटित वार्डों के साथ सार्वजनिक कर दी है।
नगर निगम के राजस्व शाखा द्वारा पत्रांक संख्या 378/Rev के तहत जारी आम सूचना के अनुसार, शहर के विभिन्न अंचलों और कुल 53 वार्डों में कर वसूली की कमान 24 जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों को सौंपी गई है। इसके तहत जन सुविधा केंद्र (रांची) और डोरंडा अंचल के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि मुख्य केंद्रों पर आने वाले लोगों को त्वरित समाधान मिल सके। वहीं, वार्ड 1 से लेकर वार्ड 55 तक के सभी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग राजस्व निरीक्षकों और कर संग्रहकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
निगम प्रशासन की ओर से जारी सार्वजनिक सूची में सभी कर्मियों के सीधे संपर्क नंबर दर्ज हैं। उदाहरण के तौर पर जन सुविधा केंद्र रांची के लिए रेणुका मिंज (8709748820) व रितु कुमारी (9572178513) और डोरंडा अंचल जन सुविधा केंद्र के लिए प्रशांत कुमार (8757139009) को अधिकृत किया गया है। इसी प्रकार वार्ड संख्या 1 व 2 के लिए दीपक कुमार सोनी (9430114774), वार्ड 3 व 9 के लिए शशि कुमार (7004093378), वार्ड 4 व 5 के लिए भीम महली (9334663197), वार्ड 6 व 10 के लिए सुनील कुमार महतो (8210630693), वार्ड 11, 12 व 47 के लिए संदीप बेदिया (9304122823) सहित सभी 53 वार्डों के प्रभारियों के नंबर जारी किए गए हैं।
उप नगर आयुक्त, रांची नगर निगम के आदेशानुसार जारी इस सूचना में आमजनों से अपील की गई है कि वे अपने संबंधित वार्ड के आवंटित कर-संग्रहकर्ता अथवा राजस्व निरीक्षक से सीधे मोबाइल पर संपर्क कर अपने होल्डिंग टैक्स का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की तकनीकी कठिनाई, सामान्य जानकारी या पूछताछ के लिए नागरिक निगम के आधिकारिक ई-मेल
support@ranchimunicipal.comपर भी संपर्क साध सकते हैं।नगर निगम का यह कदम न केवल नागरिकों को बिचौलियों और अनावश्यक भागदौड़ से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता लाकर शहर के सुनियोजित विकास को भी नई गति प्रदान करेगा। शहरवासियों ने निगम के इस पारदर्शी और सुगम प्रयास का स्वागत किया है।





