पटना : बिहार में ओला, ऊबर और रैपिडो जैसी ऑनलाइन कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं देने वाली कंपनियों की मनमानी अब नहीं चलेगी। राज्य परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर कंपनियों के लिए आठ जरूरी निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
विभाग ने ओला और ऊबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 अक्टूबर तक जवाब और नियमों के पालन की रिपोर्ट देने को कहा है।
यात्रियों और चालकों की शिकायतों का करना होगा समाधान
परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने शुक्रवार को कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने यात्रियों और चालकों की समस्याओं को दूर करने के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया।
कंपनियों को अपने मोबाइल ऐप पर हिंदी और अंग्रेजी में चैटबॉट की सुविधा देनी होगी। इसके अलावा चालकों की शिकायतों के लिए कॉल सपोर्ट शुरू करना होगा। कंपनियों को बिहार में स्थानीय कार्यालय खोलने का भी निर्देश दिया गया है।
किराये और कैंसिलेशन चार्ज की देनी होगी पूरी जानकारी
अब कंपनियों को कैब बुकिंग रद्द करने पर लगने वाले शुल्क और रात के समय बढ़ने वाले किराये की जानकारी साफ-साफ देनी होगी। यात्रियों को बुकिंग के समय ही पता चल सकेगा कि उनसे कितना अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है।
वहीं, ऐप पर भेजे जाने वाले जरूरी संदेशों को दिखाने का समय दो सेकेंड से बढ़ाकर 10 सेकेंड करने को कहा गया है।
चालकों की आईडी बंद करने के लिए बनाना होगा नियम
परिवहन विभाग ने निर्देश दिया है कि कंपनियां केवल निर्धारित नियमों को पूरा करने वाले व्यावसायिक वाहनों को ही अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ें। निजी वाहनों का नियमों के खिलाफ व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा किसी चालक की आईडी निलंबित करने से पहले तय प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसके लिए कंपनियों को एसओपी तैयार करनी होगी, ताकि चालकों के साथ गलत व्यवहार न हो।
एयरपोर्ट पर पार्किंग और एंबुलेंस सेवा पर भी जोर
विभाग ने एयरपोर्ट पर कैब वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा है। इससे यात्रियों को वाहन लेने और छोड़ने में सुविधा होगी।
साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए एंबुलेंस सेवा बढ़ाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। कंपनियों को एक सप्ताह के अंदर इस संबंध में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि कंपनियों के कामकाज की निगरानी की जाएगी। विभाग यह भी जांच करेगा कि दिए गए निर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
ओला, ऊबर, रैपिडो और सवारी मिथिला जैसी कंपनियों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।




