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छठ महापर्व की तैयारियों पर नगर आयुक्त और पूजा समितियों का मंथन

घाटों की सफाई, कृत्रिम तालाब और रोशनी के पुख्ता इंतजाम का भरोसा

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रांची: राजधानी में दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण और सफल समापन के बाद अब आस्था के महापर्व छठ और शक्ति की देवी मां काली की पूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को रांची नगर निगम कार्यालय में छठ एवं काली पूजा समितियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान आगामी त्योहारों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत में विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने हाल ही में संपन्न हुई दुर्गा पूजा में नगर निगम के सफाई और प्रबंधन कार्यों की जमकर सराहना की। प्रतिनिधियों ने कहा कि पिछले वर्ष भी छठ महापर्व के दौरान निगम का कार्य अनुकरणीय रहा था, जिससे लाखों व्रतियों और श्रद्धालुओं को सुविधा मिली थी। उसी तर्ज पर इस बार भी निगम से सक्रिय और पूर्ण सहयोग की उम्मीद जताई गई है।

कृत्रिम घाटों और स्टोन डस्ट की उठी मांग

प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त के समक्ष कुछ जमीनी जरूरतें रखीं। उन्होंने मांग की कि काली पूजा पंडालों के आसपास जहां रास्ते खराब हैं, वहां तुरंत स्टोन डस्ट डलवाया जाए ताकि भक्तों को असुविधा न हो। वहीं छठ महापर्व को लेकर शहर के प्रमुख प्राकृतिक जलस्रोतों और घाटों की समय रहते गहरी सफाई, फॉगिंग और पर्याप्त लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई।
समितियों ने ध्यान दिलाया कि रांची में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते कई मोहल्लों और कॉलोनियों में कृत्रिम छठ घाट बनाए जाते हैं। इन अस्थायी घाटों की खुदाई और निर्माण के लिए जेसीबी मशीनों तथा उनमें स्वच्छ जल भरने के लिए नगर निगम के वाटर टैंकरों की सख्त दरकार होगी।

व्रतियों को नहीं होने देंगे कोई परेशानी

नगर आयुक्त ने प्रतिनिधियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि रांची नगर निगम हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छठ व्रतियों और उनके परिजनों की सुविधा निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आयुक्त ने जानकारी दी कि त्योहारों से पहले सभी पूजा समितियों के साथ एक व्यापक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में हर घाट की विशिष्ट आवश्यकता, बैरिकेडिंग, सफाई रोस्टर, फॉगिंग, बिजली पोल पर लाइट और कृत्रिम घाटों के निर्माण की रूपरेखा तय होगी, ताकि अंतिम समय में कोई व्यवधान न आए।
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