Patna: बिहार में सरकारी योजनाओं, विकासात्मक पहलों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम नागरिकों तक पारदर्शी और त्वरित रूप से पहुंचाने के लिए सरकार ने सूचना तंत्र को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। सीएम सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में सूचना एवं जन-संपर्क विभाग (IPRD) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सरकार और जनता के बीच की संवाद प्रणाली को अधिक सुदृढ़, सरल और प्रभावी बनाएं।
भ्रामक खबरों पर नियंत्रण के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम होगी सक्रिय
समीक्षा बैठक में सीएम ने विकास कार्यों, विधि-व्यवस्था और जनहित से जुड़े संवेदनशील मुद्दों की निरंतर निगरानी करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली नकारात्मक और भ्रामक खबरों की सत्यता जांचने और उन पर समय रहते प्रभावी कदम उठाने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को पूरी तरह सक्रिय किया जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जनता द्वारा साझा की जाने वाली समस्याओं और सुझावों का नियमित विश्लेषण कर उन पर की गई आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी भी सार्वजनिक रूप से साझा की जाए।
पंचायत से लेकर जिला स्तर तक फीडबैक और निगरानी प्रणाली
बैठक में विभाग के सचिव नवीन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों, माध्यमों और प्राथमिकताओं का ब्योरा पेश किया। सीएम ने निर्देश दिया कि विभागीय, जिला और पंचायत स्तर पर आम लोगों से मिलने वाले फीडबैक, सुझावों और शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए एक सुव्यवस्थित प्रबंधन और निगरानी ढांचा तैयार किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पत्रकारों के लिए लागू पेंशन योजना के नियमों और प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया ताकि सभी पात्र पत्रकार लाभान्वित हो सकें।
वैश्विक पटल पर बिहार की सभ्यता और संस्कृति का प्रचार
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि देश के अन्य राज्यों तथा विदेशों में रहने वाले प्रवासी बिहारियों के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रवासियों से बिहार के विकास के संबंध में फीडबैक लिया जाए और उन्हें बदलते व समृद्ध बिहार की उपलब्धियों से जोड़ा जाए। उन्होंने आह्वान किया कि बिहार के गौरवशाली अतीत को पुनः स्थापित करने और राज्य को आर्थिक व सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सभी पक्षों का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।





