फॉण्ट कनवर्टर NEW

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरोपियों की थ्योरी पर पुलिस को गहरा शक

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में आरोपियों ने अमिताभ और सलमान के घरों की रेकी का दावा किया, लेकिन मुंबई पुलिस को संदेह है कि जांच भटकाने के लिए कहानी गढ़ी जा रही है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला

अपनी भाषा में पढ़ें

Mumbai: अपराध की दुनिया में जब कोई अनाड़ी प्यादा बड़े दिग्गजों के नाम उछालने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि कहानी किसी और की लिखी हुई है। बड़े सितारों की सुरक्षा दीवार का बहाना बनाकर एक युवा कलाकार को निशाना बताना पुलिस को भटकाने का पुराना पैंतरा लगता है। इस खेल का असली सूत्रधार पर्दे के पीछे मुस्कुरा रहा है, और जांच एजेंसियों की असली चुनौती उस अदृश्य चेहरे का नकाब नोचने की है।

Read more: सलमान खान और बिश्नोई विवाद पर बोले अनूप जलोटा, माफी मांगने की दी सलाह

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुई गोलीबारी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए और चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया है कि टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने से पहले उन्होंने अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार और सलमान खान जैसे ए-लिस्ट सितारों के आवासों की रेकी की थी। आरोपियों के अनुसार, इन बड़े सितारों के यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखकर योजना बदली गई और टाइगर श्रॉफ को आसान लक्ष्य मानकर उन पर हमला किया गया। हालांकि, मुंबई पुलिस और जांच एजेंसियों को आरोपियों के इस पूरे बयान पर गहरा संदेह है और इसे जांच की दिशा भटकाने की सुनियोजित चाल माना जा रहा है।

सात दिनों की निगरानी और फुटबॉल ग्राउंड को आसान निशाना मानने का दावा

सूत्रों के अनुसार, मामले में पकड़े गए आरोपी ऋतिक, रेहान और एक नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि वे पिछले सात दिनों से टाइगर श्रॉफ की दैनिक गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। आरोपियों का कहना था कि टाइगर हर रविवार को फुटबॉल खेलने जाते हैं और उस दौरान उनके साथ सुरक्षा बेहद सीमित रहती है, जिसके चलते उन्हें सॉफ्ट टारगेट माना गया। दूसरी ओर, पुलिस का मानना है कि यह बयान केवल कहानी को सनसनीखेज बनाने के लिए दिया जा रहा है। पुलिस यह भी पड़ताल कर रही है कि क्या अनिल पंडित नामक संदिग्ध ने रेहान को ऐसे बयान देकर मीडिया में ध्यान खींचने के निर्देश दिए थे।

17 अक्टूबर को दिल्ली से पहुंचे हथियार, सलमान कनेक्शन पर संशय

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों को हमले के लिए इस्तेमाल की गई पिस्तौल 17 अक्टूबर को दिल्ली से मुंबई आई महिलाओं के जरिए पहुंचाई गई थी, जबकि वारदात को 18 अक्टूबर को अंजाम दिया गया। ऐसे में जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोपी पहले सलमान खान या अन्य सितारों के घर की रेकी कर रहे थे, तो उस वक्त उनके पास असलहे कहां से आए। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि सलमान खान का नाम केवल गैंगवार या प्रचार की दृष्टि से जोड़ा जा रहा है। पुलिस अब कथित रेकी, हथियार सप्लायरों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram